- एसकेयूएएसटी-जम्मू के कृषि ब्रांडिंग केंद्र ने एचएडीपी के तहत तीन दिवसीय प्रशिक्षण कराया
- दो नए एमओयू हुए, कृषि उद्यमों के साथ केंद्र के समझौतों की संख्या 30 पहुंची
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। शेर-ए-कश्मीर यूनिवर्सिटी ऑफ एग्रीकल्चरल साइंसेज एंड टेक्नोलॉजी (एसकेयूएएसटी)-जम्मू के कृषि ब्रांडिंग केंद्र (केबीसी) की ओर से एचएडीपी के तहत तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। पांच से सात अगस्त तक आयोजित कार्यक्रम का विषय ‘किसान आधारित रणनीतिक योजना के माध्यम से कृषि उद्यमों की दीर्घकालिक सफलता’ रहा। इसमें जम्मू-कश्मीर के विभिन्न क्षेत्रों से कृषि उद्यमियों, एफपीओ, ग्रामीण बिजनेस सर्विस हब, स्वयं सहायता समूहों, प्रगतिशील किसानों और ग्रामीण उद्यम शुरू करने के इच्छुक लोगों ने भाग लिया।
एसकेयूएएसटी-जम्मू के कुलपति प्रो. बीएन त्रिपाठी के निर्देशन और एसकेयूएएसटी-जम्मू एबीआई फाउंडेशन की निदेशक एवं केबीसी की प्रधान अन्वेषक प्रो. ज्योति कचरू की देखरेख में कार्यक्रम हुआ। प्रो. कचरू ने किसान आधारित उद्यमों को मजबूत करने में ब्रांडिंग, इनक्यूबेशन और बाजार सुविधा की भूमिका बताई। उन्होंने कृषि उत्पादों को पर्यटन और हॉस्पिटैलिटी क्षेत्र से जोड़कर किसानों की आय बढ़ाने की संभावनाओं पर भी जोर दिया।
प्रशिक्षण में विशेषज्ञों ने बिजनेस प्लानिंग, वैल्यू चेन, लॉजिस्टिक्स, डिजिटल मार्केटिंग, कर एवं पंजीकरण, वैल्यू एडिशन और एमएसएमई योजनाओं की जानकारी दी। इस दौरान दो नए एमओए भी किए गए। इसके साथ ही केबीसी के एफपीओ, आरबीएसएच, स्टार्टअप और कृषि उद्यमों के साथ समझौतों की संख्या 30 हो गई। समापन समारोह में प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र वितरित किए गए।
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