बीआरओ के जोजिला मार्ग के प्रभारी कनिष्ठ अभियंता अमित ने बताया कि मंगलवार और बुधवार की दरमियानी रात को जोजिला मार्ग पर 6-7 किलोमीटर के दायरे में करीब 10 स्थानों पर हिमस्खलन हुआ। भारी बर्फ सड़क पर आ गई इससे यातायात रोकना पड़ा।
कश्मीर घाटी को लद्दाख से जोड़ने वाले श्रीनगर-लेह हाईवे पर 24 घंटे में दस स्थानों पर हिमस्खलन के कारण भारी बर्फ खिसककर सड़क पर आ गई। इसके कारण कुछ घंटे यातायात बाधित रहा। बॉर्डर रोड आर्गेनाइजेशन (बीआरओ) ने जल्द ही जवानों और आधुनिक मशीनरी को लगाकर यातायात बहाल कर दिया।
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हिमस्खलन में किसी प्रकार के नुकसान की सूचना नहीं है। इस साल रिकॉर्ड समय तक खुले रहे जोजिला मार्ग को 7 जनवरी से यातायात के लिए बंद कर दिया जाएगा। बीआरओ के जोजिला मार्ग के प्रभारी कनिष्ठ अभियंता अमित ने बताया कि मंगलवार और बुधवार की दरमियानी रात को जोजिला मार्ग पर 6-7 किलोमीटर के दायरे में करीब 10 स्थानों पर हिमस्खलन हुआ।
भारी बर्फ सड़क पर आ गई, यातायात रोकना पड़ा। तुरंत बीआरओ की 122 आरसीसी के जवान और मशीनरी काम पर लगा कर इस मार्ग को क्लियर कर दिया गया। उन्होंने बताया कि अमूमन सुबह साढ़े दस बजे इस मार्ग पर यातायात की अनुमति दी जाती है।
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हिमस्खलन के चलते बुधवार को करीब डेढ़ घंटे की देरी हुई। बता दें कि जब कभी भी पहाड़ी क्षेत्रों में बर्फबारी होती है तो उसके बाद मौसम खुलने पर धूप निकलने से बर्फीले तूफान और हिमस्खलन का खतरा रहता है। जोजिला मार्ग पर यह खतरा काफी ज्यादा होता है।
कश्मीर को लद्दाख से जोड़ने वाला एक मात्र मार्ग
श्रीनगर-लेह राजमार्ग कश्मीर को लद्दाख के साथ जोड़ने वाला एक मात्र मार्ग है। इसलिए यह न केवल आम जनता के लिए बल्कि सैन्य दृष्टिकोण के चलते भी बेहद महत्वपूर्ण है। इस वर्ष 6 जनवरी इस सीजन का आखिरी दिन होगा जब वाहनों को सोनमर्ग से द्रास और द्रास से सोनमर्ग की ओर आने जाने की अनुमति होगी। 7 जनवरी से इसे पूरी तरह से बंद किया जाएगा।