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जानिए, अब क्या रहेगा नेशनल कांफ्रेंस का सियासी एजेंडा

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रियासत की मुख्य विपक्षी पार्टी नेशनल कांफ्रेंस ने एक बार फिर जम्मू कश्मीर को स्वायत्तता देने का राग अलापा है। पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं प्रधान डा. फारूक अब्दुल्ला की अध्यक्षता में सोमवार को श्रीनगर में हुई वर्किंग कमेटी की बैठक में चर्चा के बाद छह प्रस्तावों को मंजूरी प्रदान कर दी गई। 
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इसमें रियासत को स्वायतत्ता की मांग को लेकर पार्टी का सियासी एजेंडा बताकर प्रस्ताव पारित किया गया।  बैठक में डॉ फारूक ने असहिष्णुता की घटनाओं पर भी चिंता व्यक्त की।

बैठक में डॉ फारूक ने कहा कि देश के हितों खासकर जम्मू कश्मीर के हितों के प्रतिकूल जो भी विभाजनकारी ताकतें हैं उनको हराने की जरूरत है। उन्होंने कहा देश में असहिष्णुता की हाल की घटाएं पार्टी और राज्य के लोगों के लिए गंभीर चिंता का विषय है।
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पाकिस्तान से हो वार्ता

इस अवसर पर जिन चार प्रस्तावों को मंजूरी प्रदान की गई उनमें रियासत के धर्मनिरपेक्ष छवि को हर हाल में सुरक्षित रखना, रियासत के लिए स्वायत्तता, रियासत में शांति स्थापित करने के लिए पाकिस्तान से वार्ता और कश्मीर मसले का हल, केंद्रीय सरकार ने जम्मू कश्मीर के आंतरिक संगठनों के अलावा इस मामले में पाकिस्तान से बातचीत करने, रियासत की एकता और अखंडता को बरकरार रखने, श्रीनगर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से कश्मीर मसले पर किसी की सलाह की जरूरत नहीं की बात कहने पर भी गहरी चिंता प्रकट की गई।

रियासत में बाढ़ पीड़ितों के पुनर्वास के लिए 44 हजार करोड़ के पैकेज के जारी न होने पर भी नेकां की तरफ से प्रस्ताव पारित कर गहरी चिंता प्रकट की गई। बैठक में पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के अलावा महासचिव अली मोहम्मद सागर, अब्दुल रहीम राथर समेत पार्टी के वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।
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प्रधानमंत्री ने निर्वाचित मुख्यमंत्री को नीचा दिखाया: उमर

पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर आरोप लगाया हैं कि श्रीनगर के शेर ए कश्मीर स्टेडियम में पब्लिक रैली के दौरान उन्होंने जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद को नीचा दिखाया।

उमर ने कहा मुख्यमंत्री के संबोधन के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने भाषण में कहा कि कश्मीर मुद्दे पर उन्हें किसी सलाह की जरूरत नहीं है।

उन्होंने कहा कि इससे पता चलता हैं कि केंद्र में मौजूदा शासक मुख्यमंत्री जैसे महत्त्वपूर्ण संस्थान को किसी रूप में देख रहे है। आरएसएस और भाजपा की तारीफ होती रही और मुख्यमंत्री को अपने गठबंधन सहयोगी की ओर से नीचा दिखाया गया।
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