मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने कश्मीर के सभी तीर्थ स्थलों (श्राइन) का सुरक्षा आडिट करके आग से बचाव के लिए जरूरी इंतजाम करने के निर्देश दिए हैं। तीर्थ स्थलों में अग्निरोधक यंत्र, स्मोक अलार्म, सीसीटीवीएस सहित अन्य प्रबंध किए जाएं। वकाफ बोर्ड की चेयरपर्सन मुख्यमंत्री ने विभागीय अधिकारियों के साथ उच्च स्तरीय बैठक कर तीर्थ स्थलों में आग के बचाव को सुनिश्चित बनाने पर जोर दिया।
उन्होंने श्रीनगर के पुराने शहर में स्थित खनका-ए-मौला जियारत में आग से हुए नुकसान का जायजा लेते हुए इंटैक को दो दिन के भीतर ड्राइंग तैयार करके जियारत के जीर्णोद्धार का काम शुरू करवाने के निर्देश दिए। उन्होंने वकाफ बोर्ड के अलावा दमकल विभाग, पीडीडी, पीएचई, पुलिस, एसएमसी और अन्य संबंधित विभागों से तीर्थ स्थलों में सुरक्षा आडिट पर प्राथमिकता से काम शुरू करने को कहा।
उन्होंने खनियार में हजरत पीर दस्तगीर साहिब तीर्थ स्थल का शीघ्र पुनर्निर्माण करवाने को कहा। उन्होंने कहा कि यह तीर्थ स्थल कश्मीर समाज के बहुवादी लोकाचार को दर्शाता है। इसके अलावा मुख्यमंत्री ने अमीर-इ-कबीर मीर सईद अली हमदानी का दौरा किया। इस दौरान शिक्षा मंत्री सईद अल्ताफ बुखारी, स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा राज्यम मंत्री आसिया नकाश, पार्षद खुर्शीद आलम, मंडलायुक्त कश्मीर बशीर अहमद खान, आईजीपी कश्मीर जोन मुनीर खान आदि मौजूद रहे।