ग्रीष्मकालीन राजधानी श्रीनगर में 25 मई से होने जा रहे महबूबा मुफ्ती सरकार के पहले विधानसभा सत्र के हंगामेदार होने के आसार है। विपक्ष कांग्रेस और नेशनल कांफ्रेंस विभिन्न मामलों पर गठबंधन सरकार को घेरने की तैयारी में जुट गई है।
आने वाले दिनों में कांग्रेस और नेशनल कांफ्रेंस की विधायक दल की बैठकों में विधानसभा सत्र की रणनीति बनेगी। इसी तरह सत्तापक्ष पीडीपी और भाजपा की भी विधायक दल की बैठके आने वाले दिनों में होगी जिसमें आगामी विधानसभा सत्र की रणनीति तैयार होगी।
कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रविंद्र शर्मा का कहना हैं कि कांग्रेस शहरी स्थानीय निकाय और पंचायती चुनाव जल्द करवाने की मांग कर रही है। रियासती सरकार चुनाव पर अपनी स्थिति साफ नहीं कर रही है। इसके अलावा पीडीपी भाजपा गठबंधन सरकार गठन के बाद कश्मीर के हालात बिगड़े है।
एनआईटी मामला हुआ। खाद्य सुरक्षा अधिनियम को ठीक ढंग से लागू न किए जाने से लोग परेशान है। ऐसे सब मुद्दों को विधानसभा सत्र में उठाया जाएगा। हालांकि कांग्रेस की इस संदर्भ में रणनीति विधायक दल की बैठक में ही बनेगी।
नेशनल कांफ्रेंस के महासचिव एवं पूर्व मंत्री अली मोहम्मद सागर का कहना हैं कि पीडीपी भाजपा गठबंधन सरकार नाकाम हुई है और आगामी विधानसभा सत्र में नेकां जिम्मेदार विपक्ष की भूमिका निभाते हुए रियासती सरकार की नाकामियों को जोरदार तरीके से उठाएगी।