प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जम्मू-कश्मीर में विधानसभा चुनाव कराने के प्रतिबद्धता जताते हुए कहा है कि सरकार परिसीमन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद चुनाव कराने को प्रतिबद्ध है। इसके साथ ही विधानसभा चुनाव को लेकर तस्वीर साफ हो गई है।
लाल किले से स्वतंत्रता दिवस पर देश को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर में परिसीमन की प्रक्रिया चल रही है। सुप्रीम कोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश के नेतृत्व में यह काम चल रहा है। परिसीमन का काम पूरा होते ही भविष्य में चुनाव हो, जम्मू-कश्मीर का एमएलए हो, मंत्रिगण हों, मुख्यमंत्री हो, नई ऊर्जा के साथ विकास के मार्ग पर आगे बढ़ें, इसके लिए देश प्रतिबद्ध है और प्रयासरत भी है।
कहा कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख को एक वर्ष पूर्व अनुच्छेद 370 से आजादी मिल चुकी है। एक साल पूरा हो चुका है। ये साल जम्मू-कश्मीर की एक नई विकास यात्रा का बड़ा महत्वपूर्ण पड़ाव है। ये साल वहां की महिलाओं, दलितों को मूलभूत अधिकारों को देने वाला कालखंड रहा है। ये हमारे शरणार्थियों को गरिमापूर्ण जीवन जीने का भी एक साल रहा है। जम्मू-कश्मीर में स्थानीय इकाइयों के जनप्रतिनिधि सक्रियता और संवेदनशीलता के साथ विकास के नए युग को आगे बढ़ा रहे हैं। मैं इस विकास यात्रा में सक्रिय भागीदारी के लिए सभी पंच-सरपंचों को हृदय से बहुत-बहुत बधाई देता हूं।
लद्दाख की वर्षों पुरानी मांग पूरी
पीएम ने कहा कि लद्दाख को केंद्रशासित प्रदेश बनाकर वर्षों पुरानी जो उनकी मांग थी उनकी आंकाक्षा थी, उसे पूरा किया है। हिमालय की ऊंचाइयों में बसा लद्दाख विकास के नए शिखर की ओर आगे बढ़ रहा है। अब वहां पर केंद्रीय विश्वविद्यालय बन रही है। नए शोध केंद्र बन रहे हैं। होटल मैनेजमेंट का कोर्स शुरू हो गया है। बिजली के लिए साढ़े सात हजार मेगावाट के सोलर पार्क के निर्माण की योजना बन रही है। कुल मिलाकर जम्मू-कश्मीर और लद्दाख विकास के रास्ते पर अग्रसर है।