बाढ़ की विभीषिका के बावजूद रियासत में विधानसभा चुनाव समय पर कराने की तैयारी तेज हो गई है। केंद्रीय गृह मंत्रालय और रियासत सरकार चुनाव टालने के पक्ष में नहीं है। जम्मू कश्मीर में नवंबर-दिसंबर में चुनाव कराया जाना है।
बाढ़ की तबाही के बाद चुनाव टलने के आसार नजर आने लगे थे लेकिन रियासत सरकार का मानना है कि अगले एक सप्ताह में हालात और सुधर जाएंगे। इसलिए चुनाव टालकर राज्यपाल शासन (विशेष राज्य का दर्जा होने के कारण यहां राष्ट्रपति नहीं राज्यपाल शासन लगता है।) लागू किया जाना उचित नहीं होगा।
चुनाव आयोग इस मसले पर गंभीरता से विचार कर रहा है। केंद्रीय गृह मंत्रालय, रियासत सरकार और रियासत के मुख्य चुनाव अधिकारी की रिपोर्ट के बाद ही आयोग अंतिम फैसला लेगा। सियासी दलों से भी विचार-विमर्श संभव है।
सभी संबंधित पक्षों की रिपोर्ट के बाद मुख्य चुनाव आयुक्त का दोनों चुनाव आयुक्तों के साथ अगले माह के पहले सप्ताह में रियासत का दौरा संभव है। उसी दौरे में चुनाव के संबंध में आधिकारिक घोषणा हो सकती है।