मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला की विधानसभा सीट गांदरबल पर सबकी निगाहें हैं। हालांकि अभी तक नेशनल कांफ्रेंस (नेकां) की तरफ से उमर अब्दुल्ला की उम्मीदवारी की घोषणा तो नहीं की गई है लेकिन पूरी संभावना है कि इस बार भी उमर ही उम्मीदवार होंगे। पीडीपी यहां से पूर्व मंत्री एवं पूर्व विधायक काजी मोहम्मद अफजल तथा कांग्रेस मोहम्मद युसूफ भट्ट की उम्मीदवारी की घोषणा कर चुकी है।
2008 के विधानसभा चुनाव में नेकां प्रत्याशी उमर अब्दुल्ला ने पीडीपी के काजी अफजल को 8215 वोट से मात दी थी। अब्दुल्ला को 16519 वोट जबकि अफजल को 8304 वोट मिले थे। इससे पहले 2002 के चुनाव में पीडीपी के काजी मोहम्मद अफजल ने नेकां के उमर अब्दुल्ला को हराकर चुनाव जीता था।
अफजल राज्य कबीना में मंत्री भी रहे। पीडीपी के मुख्य प्रवक्ता नईम अख्तर का कहना है कि गांदरबल सीट से पार्टी ने मजबूत प्रत्याशी को मैदान में उतारा है। दावा किया कि उनकी पार्टी ही जीतेगी। उधर, कांग्रेस का कहना है कि मोहम्मद युसूफ भट्ट स्थानीय है तथा उनकी लोगों में अच्छी पैठ है। यदि नेकां ने उमर को प्रत्याशी बनाया तो त्रिकोणीय मुकाबले में अपनी सीट बचाने की चुनौती होगी।