सांबा। जम्मू-कश्मीर के सांबा जिले के घो ब्राह्मणा गांव के निवासी अशोक संब्याल को केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) में इंस्पेक्टर जनरल (आईजी) के पद पर पदोन्नत किया है। भारत सरकार के आदेश के बाद नई दिल्ली में आयोजित समारोह में डीजी सीआरपीएफ ने उन्हें औपचारिक रूप से रैंक पिपिंग करवाई। इस उपलब्धि पर जम्मू-कश्मीर, विशेषकर सांबा जिले में खुशी की लहर है।
अशोक संब्याल ने चार फरवरी 1991 को सीआरपीएफ जॉइन की थी। अपने लंबे कॅरिअर में उन्होंने पंजाब में उग्रवाद काल, जम्मू-कश्मीर तथा वामपंथी उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों की चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में अहम जिम्मेदारियां निभाई हैं। प्रशिक्षण और संस्थान निर्माण में भी उनका योगदान उल्लेखनीय रहा है।
वह सीटीसी नीमच और आरटीसी नीमच के प्रिंसिपल रहे। उनके नेतृत्व में आरटीसी नीमच ने अखिल भारतीय स्तर पर प्रथम स्थान हासिल किया। इसके लिए उन्हें गृह मंत्री डिस्क और प्रशंसा पत्र प्रदान किया गया। उन्होंने सिलचर में सीआरपीएफ के पहले सीआईएटी स्कूल की स्थापना में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वह एक प्रशिक्षित पर्वतारोही भी हैं और सीआरपीएफ के पहले स्वदेशी पर्वतारोहण अभियान के तहत जोगिन पीक फतह कर चुके हैं। संब्याल की प्रारंभिक शिक्षा एसआरएमएल स्कूल से हुई। इसके बाद एसपीआरएम कॉलेज ऑफ कॉमर्स जम्मू से स्नातक किया। जम्मू विवि से विधि विभाग में कानून की पढ़ाई की। उनकी पदोन्नति से न केवल परिवार बल्कि पूरे जम्मू व सांबा क्षेत्र में खुशी की लहर है। क्षेत्रवासियों ने इसे जिले के लिए गर्व का क्षण बताया। डीडीसी अध्यक्ष केशव शर्मा ने बताया की अशोक उनके सहपाठी रहे हैं। वह बचपन से ही होशियार रहे हैं।