श्रीनगर में जीएसटी काउंसिल की बैठक में हिस्सा लेने पहुंचे वित्त एवं रक्षामंत्री अरुण जेटली ने कश्मीर में सुरक्षा के मुद्दे पर कई बातें की। कश्मीर में सुबह सेना की फारवर्ड पोस्ट का दौरा करके लौटे रक्षामंत्री ने कहा कि कश्मीर में हमारी प्राथमिकता हालातों को सामान्य करने की है।
अलगाववादियों पर एनआईए की जांच से संबंधित केस के विषय में अरूण जेटली ने कहा कि इस बात की जानकारी थी कि उन्हें सीमा पार से फंडिंग की जाती थी। जेटली ने कहा कि संबंधित एजेंसियां इस मामले में अपनी कार्रवाई करेंगी। उन्होंने कहा कि उपद्रवियों को घाटी में स्कूलों को जलाने और हिंसा भड़काने के लिए फंडिग होने की जानकारी सरकार को थी।
जेटली ने कहा कि उन्होंने सुबह एलओसी का दौरा किया। उन्होंने कहा कि मैं सेना के जवानों को उनके आत्मविश्वास के लिए बधाई देता हूं। उन्होंने कहा कि जवानों में बहुत विश्वास है और वो किसी भी तरह की घुसपैठ या सीजफायर उल्लंघन की घटना का जवाब देने में सक्षम हैं।
घुसपैठ से निपटने में सक्षम हैं सुरक्षाबल
Arun Jaitley
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शुक्रवार सुबह कश्मीर से सटी एलओसी के दौरे पर पहुंचे रक्षामंत्री ने दौरे के विषय में पत्रकारों को जानकारी देते हुए कहा कि उन्होंने एलओसी के दौरे पर सुरक्षा की स्थितियों की समीक्षा की है। उन्होंने कहा कि हमारे सुरक्षाबल सीमा पार से घुसपैठ या सीजफायर उल्लंघन जैसी घटनाओं से निपटने में पूरी तरह से सक्षम हैं।
देश और जम्मू कश्मीर के लोगों के खिलाफ है आतंकवाद
अरूण जेटली
- फोटो : FILE PHOTO
रक्षामंत्री ने कहा कि आतंकवाद औऱ मिलिटेंसी भारत देश, इसकी संप्रभुता और जम्मू कश्मीर के आम लोगों के खिलाफ एक साजिश है। साथ ही रक्षामंत्री ने कहा कि हमारे सुरक्षाबल सीमा पार से किसी भी तरह की अप्रिय घटना से निपटने में पूरी तरह से सक्षम हैं।