जी20 बैठक से ठीक पहले राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने कुपवाड़ा से जैश-ए-मोहम्मद के एक सदस्य को आतंकी साजिश रचने के आरोप में गिरफ्तार किया है। आतंकी की पहचान कुपवाड़ा निवासी मोहम्मद उबैद मलिक के रूप में हुई है। वह लगातार पाकिस्तान में बैठे जैश के कमांडर को सेना व अन्य सुरक्षाबलों की आवाजाही के बारे में सूचनाएं दे रहा था। उसके कब्जे से जम्मू-कश्मीर में आतंकी गतिविधियों को बढ़ावा देने में उसकी संलिप्तता को दर्शाने वाले कई दस्तावेज भी बरामद किए गए हैं।
एनआईए प्रवक्ता ने बताया कि जम्मू-कश्मीर में आतंकी हमलों के माध्यम से भारत को अस्थिर करने के लिए सीमा पार स्थित आतंकवादी संगठनों द्वारा रची जा रही साजिशों के खिलाफ कार्रवाई के बीच यह कार्रवाई की गई। जांच एजेंसी ने पाकिस्तान में बैठे कमांडरों के निर्देश पर विभिन्न आतंकी संगठनों के कैडर और भूमिगत कार्यकर्ताओं द्वारा रची गई साजिशों का पता लगाने के लिए पिछले साल 21 जून को आतंकी साजिश का मामला दर्ज किया था।
इसमें नशीले पदार्थों, नकदी, हथियारों, इम्प्रोवाइज्ड एक्प्लोसिव डिवाइस (आईईडी) की बड़ी खेपों का संग्रह और वितरण शामिल है। इसमें रिमोट कंट्रोल से चलने वाले स्टिकी/चुंबकीय बम भी शामिल हैं।
प्रवक्ता ने कहा कि आईईडी और विस्फोटक अक्सर ड्रोन का उपयोग करके सीमा पार से पहुंचाए जाते हैं और जम्मू-कश्मीर में आतंकवादी हमलों को अंजाम देने के लिए स्थानीय स्तर पर भी एकत्र किए जाते हैं। हमलों में मुख्य रूप से अल्पसंख्यकों और सुरक्षा बलों के जवानों को निशाना बनाया जाता है।
शाति और सद्भाव बिगाड़ने की साजिश
एनआईए ने कहा कि शांति और सांप्रदायिक सद्भाव को बिगाड़ने, आतंकवादी गतिविधियों में शामिल होने और सरकार के खिलाफ युद्ध छेड़ने के उद्देश्य से इस तरह की साजिशें भौतिक व वर्चुएल दोनों तरीकों से रची जा रही हैं। मामले में आगे की जांच जारी है।