श्रीनगर। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल की ओर से रविवार को गिरफ्तार जहांजेब सामी और हिना बसीर बेग दंपती के परिवार ने दोनों को बेगुनाह बताते हुए प्रशासन से इंसाफ की गुहार लगाई है। उनका कहना है कि उन्हें फंसाया जा रहा है। उनका किसी आतंकी संगठन के साथ संबंध नहीं है। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की अपील की है।
सामी की मां महजबीन ने कहा कि सामी ने कश्मीर में कभी किसी धरना-प्रदर्शन में हिस्सा नहीं लिया है। बताया, उनका बेटा जिस कंपनी में काम करता था, उसने पिछले साल अगस्त में अनुच्छेद 370 हटाए जाने और इंटरनेट पर प्रतिबंध के कारण अपना ऑपरेशन दिल्ली शिफ्ट कर दिया था। कंपनी के कुछ कर्मचारियों को वहां बुलाया गया था, इनमें सामी भी था। 29 सितंबर को वह लौटा। अक्तूबर में शादी के बाद वह 21 अक्तूबर को पत्नी के साथ दिल्ली चला गया। सामी की बहन सहरिश ने भी भाई पर लगे आरोप गलत बताए। कहा, आप मोहल्ले में किसी से भी पूछ लें कि वह कैसा था। कहा कि अगर एक आईटी कंपनी में मैनेजर की नौकरी करने वाले के साथ यह सब होगा तो कश्मीरियों का भरोसा उठ जाएगा। हम चाहते हैं कि इस मामले में निष्पक्ष जांच हो और हमें इंसाफ मिले।
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फिरोजपुर से इंजीनियरिंग और बंगलूरू से एमबीए किया सामी ने
मां के अनुसार उसका बेटा 12वीं के बाद बाहर चला गया था। उसने पंजाब के फिरोजपुर से इंजीनियरिंग की है। इसके बाद वह बंगलूरू गया, जहां उसने एमबीए किया। वहां कुछ देर नौकरी की लेकिन उनकी बीमारी के चलते लौट आया। उसे केएएस की तैयारी करनी थी लेकिन उनकी बीमारी के चलते नहीं कर सका। फिर वह 2016 में तीन महीने के लिए दुबई में नौकरी के लिए चला गया। बाद में उसने पुणे में नौकरी की। नई कंपनी ने उसे श्रीनगर भेज दिया। एक महीने बाद दिल्ली शिफ्ट होना पड़ा। अब इंटरनेट बहाली बाद उसे 1 अप्रैल को श्रीनगर लौटना था।