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#ARMYWITHKASHMIR तालीम के उजाले से कश्मीरी बच्चों के भविष्य को रोशन करती है सेना

Thu, 15 Jun 2017 07:24 PM IST
श्रेयांश त्रिपाठी,अमर उजाला/जम्मू
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आर्मी गुडविल स्कूल, पोथा की क्लास के दौरान सेना के जवान - फोटो : Amar Ujala
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शायद कम लोग ही ये जानते हो कि जिस कश्मीर से सुरक्षाबलों के विरोध की खबरें आती हैं वहां पर भारतीय सेना के स्कूलों में कश्मीरी बच्चे डॉक्टर, इंजीनियर और वैज्ञानिक बनने के सपने देखते हैं।
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सेना के आर्मी गुडविल स्कूलों में पढ़ने वाले इन बच्चों को सरकार और सेना की ओर से शिक्षा के लिए हर जरूरी मदद दी जाती है। सेना के इन गुडविल स्कूलों में न सिर्फ शिक्षा बल्कि कला, साहित्य, खेल और हर उस हुनर की तालीम दी जाती है जिससे जम्मू-कश्मीर के भी बच्चों को भी अपने सपनों को पूरा करने की ताकत मिल सके। 

इस कार्यक्रम के शुरू होने के दो दशक के भीतर जम्मू और कश्मीर में भारतीय सेना की मदद से 46 स्कूलों की स्थापना की गई है जिसमें मात्र 440 रूपये की महाना फीस में बच्चों को अंतर्राष्ट्रीय स्तर की शिक्षा मुहैया कराई जाती है ।
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कश्मीर घाटी में संचालित हो रहे हैं 30 गुडविल स्कूल

सेना का आर्मी गुडविल स्कूल - फोटो : File Photo
कश्मीर घाटी में सेना के द्वारा 30 गुडविल स्कूल संचालित किए जा रहे हैं। कश्मीर में संचालित होने वाले इन स्कूलों में न सिर्फ शहरी क्षेत्रों के स्कूल शामिल है बल्कि कई ऐसे इलाकों के स्कूल भी है जहां ठंड के मौसम में बहुत ज्यादा बर्फबारी भी होती है। 

दुर्गम या दूरस्थ क्षेत्र होने के कारण जिन इलाकों में सरकारी स्कूलों से शिक्षा की व्यवस्था कम पड़ती है वहां सेना के ये स्कूल कश्मीरी बच्चों के साथ खड़े नजर आते हैं। खास बात ये कि जम्मू से लेकर लद्दाख तक संचालित होने वाले तमाम गुडविल स्कूलों में कई बार सेना के जवान और अधिकारी बच्चों की क्लास लेते मिलते हैं। 
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हिंसा के हालातों का नहीं पड़ने दिया असर

सेना का आर्मी गुडविल स्कूल - फोटो : File Photo
साल 2016 में जब कश्मीर में हिंसा के मुश्किल हालातों के कारण तमाम स्कूलों को बंद करना पड़ा उस वक्त भी सेना के गुडविल स्कूलों में पढ़ाई जारी रही। सेना के तमाम जवान और अधिकारी भी इस वक्त में बच्चों की शिक्षा के लिए पुरजोर मेहनत करते रहे। 4 महीने तक रहे कश्मीर के मुश्किल दौर में भी सेना के स्कूलों में पढ़ाई हुई और एकेडेमिक कैलेंडर के तय वक्त में परीक्षाएं भी हुईं। 
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