दोनों जिलों में सेना अपनी संख्या बढ़ाकर और तकनीकी तंत्र की मदद से आतंकियों के खिलाफ बड़ा ऑपरेशन करने की तैयारी में है। राजोरी-पुंछ के जंगलों में अब सेना की तरफ से चप्पे-चप्पे को खंगाला जाएगा। इसके लिए अत्याधुनिक तकनीक वाले ड्रोन और हेलिकॉप्टर का इस्तेमाल किया जाएगा।
राजोरी-पुंछ जिलों में तमाम कोशिशों के बावजूद सेना के जवानों पर हमले नहीं रुक रहे हैं। पिछले ढाई सालों में सेना को जम्मू-कश्मीर में सबसे ज्यादा नुकसान इन्हीं दो जिलों में उठाना पड़ा है। इससे केंद्र सरकार भी आहत और चिंतित है। ऐसे में अब केंद्र ने सेना को आतंकियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करने के निर्देश जारी किए हैं। राजोरी-पुंछ के जंगलों में विशेष ऑपरेशन चलाकर आतंकियों को बाहर निकालने का प्रयास होगा।
विज्ञापन
सूत्रों के अनुसार, दोनों जिलों में सेना अपनी संख्या बढ़ाकर और तकनीकी तंत्र की मदद से आतंकियों के खिलाफ बड़ा ऑपरेशन करने की तैयारी में है। राजोरी-पुंछ के जंगलों में अब सेना की तरफ से चप्पे-चप्पे को खंगाला जाएगा। इसके लिए अत्याधुनिक तकनीक वाले ड्रोन और हेलिकॉप्टर का इस्तेमाल किया जाएगा। आतंकियों के ऑफलाइन इस्तेमाल करने वाले मोबाइल एप का पता लगाने के लिए भी सेना ने अपने तकनीकी ढांचे को सक्रिय कर दिया है। बता दें कि पिछले ढाई सालों में राजोरी और पुंछ जिलों में ही सेना के 30 जवान बलिदान हो चुके हैं। सेना पर हमले एक ही तर्ज पर किए गए हैं। आतंकियों ने घात लगाकर सेना के जवानों पर हमला किया।
पीएएफएफ ने जारी की छीने हथियारों की तस्वीर
आतंकी संगठन पीएएफएफ ने सोशल मीडिया पर एक तस्वीर जारी की है। इसमें 5 हथियार दिख रहे हैं। संगठन ने दावा किया है कि यह हथियार पुंछ में सेना पर किए गए हमले के बाद छीने गए थे। ठीक इसी तरह से संगठन ने पुंछ में अप्रैल में किए गए हमले के बाद भी एक तस्वीर जारी की थी, जिसमें उन्होंने दावा किया था कि उक्त हथियार जवानों से छीने हैं। हालांकि सेना की तरफ से इसकी पुष्टि नहीं की गई है।