सेना ने दावा किया है कि दक्षिणी कश्मीर के अधिकतर हिस्सों में सुरक्षा व्यवस्था में काफी सुधार हुआ है। आतंकियों की ओर से आईईडी का इस्तेमाल करने की चुनौती से निपटने की पूरी तैयारी है। साथ ही सेना गर्मी की चुनौतियों से निपटने और वार्षिक अमरनाथ यात्रा को सुरक्षित बनाने के लिए पूरी तरह तैयार है।
दक्षिण कश्मीर में तैनात सेना के एक उच्च अधिकारी ने पत्रकारों को बताया कि यहां के चारों जिलों में स्थानीय युवाओं की आतंकवाद में शामिल होने की संख्या में भारी गिरावट आई है। इन इलाकों में कई सफल ऑपरेशन अंजाम दिए जा चुके हैं, जिसमें अवाम का काफी योगदान रहा है। आतंकवाद पर लगाम लगाने के लिए ओजीडब्ल्यू नेटवर्क पर नकेल कसने की जरूरत है।
अधिकारी ने बताया कि दक्षिण कश्मीर में मौजूदा सुरक्षा स्थिति काफी स्थिर है। वर्ष 2019 की तुलना में स्थिति में बहुत ज्यादा सुधार हुआ है। प्रसिद्ध पर्यटन स्थल पहलगाम सहित घाटी में अन्य पर्यटन स्थलों में पर्यटकों की भारी आमद इसका सबूत है। कहा कि मैं यह नहीं कह रहा हूं कि स्थिति पूरी तरह से आतंकवाद मुक्त है, लेकिन इसमें बहुत सुधार हुआ है।
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जैश और लश्कर मुख्य निशाने पर
उन्होंने कहा कि सेना के निशाने पर जैश और लश्कर जैसे मुख्य आतंकी संगठन हैं। हिजबुल मुजाहिदीन में केवल स्थानीय आतंकी होते हैं, जिसको पिछले कुछ वर्षों में उसे काफी नुकसान पहुंचा है। लेकिन उन्हें ऐसा लगता है कि आईएसआई हिजबुल के पुनर्गठन के लिए पूरी कोशिश करेगी। उसके लिए स्थानीय भर्ती में तेजी ला सकती है। कहा कि अंसार गजवात-उल-हिंद और आईएसजेके जैसे संगठन घाटी में विफल हो चुके हैं, क्योंकि उनकी विचारधारा पाकिस्तान समर्थक नहीं है और आईएसआई उनकी पकड़ मजबूत नहीं होने देगा।