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अमरनाथ यात्रा तक पत्थरबाजों की रहेगी शामत, घाटी में रोजाना चल रही छापेमारी

Wed, 30 May 2018 09:26 PM IST
बृजेश कुमार सिंह, अमर उजाला, जम्मू
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सुरक्षा बलों पर हुई पत्थरबाजी - फोटो : BASIT ZARGAR
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अगले महीने 28 जून से शुरू हो रही अमरनाथ यात्रा को सुरक्षित तथा शांतिपूर्वक संपन्न कराने के लिए सुरक्षा बलों ने अभी से पत्थरबाजों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। इसके लिए नए सिरे से पत्थरबाजों की लिस्ट तैयार करने को कहा गया है। इस सूची में उन पत्थरबाजों के भी नाम शामिल करने को कहा गया है जिन्हें हाल में सरकार ने माफीनामा दिया है और वे दोबारा से पत्थर बरसाने में शामिल पाए गए हों। 

घाटी में रोजाना पत्थरबाजों की धरपकड़ के लिए छापेमारी की जा रही है। खासकर दक्षिणी कश्मीर में। यहां के चार जिलों अनंतनाग, कुलगाम, शोपियां व पुलवामा में पत्थरबाजों पर नकेल कसी जा रही है। अब तक 200 से अधिक पत्थरबाजों को हिरासत में लिया गया है। इनमें ज्यादातर को काउंसिलिंग के बाद छोड़ दिया गया है। अभिभावकों को हिदायत दी जा रही है कि वे बच्चों को इससे दूर रखें। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि अमरनाथ यात्रा के दौरान इन पत्थरबाजों को सक्रिय कर माहौल खराब करने की कोशिश की जा सकती है।
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सुरक्षा बलों को निशाना बनाकर अशांति का माहौल बनाया जा सकता है, जिससे अमरनाथ यात्रा पर असर पड़े। अमरनाथ यात्रा का मार्ग दक्षिणी कश्मीर से होकर ही जाता है। इस वजह से अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है। पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि पत्थरबाजों पर सख्ती की गई है। फिलहाल दक्षिण कश्मीर पर फोकस है। बाद में मध्य कश्मीर के श्रीनगर तथा गांदरबल जिले में भी यह प्रक्रिया अपनाई जाएगी। 

रमजान के बाद इस अभियान को और तेज किया जाएगा। यह सब पिछले कुछ वर्षों के अनुभवों के आधार पर किया जा रहा है जिसके तहत यह देखा गया है कि अमरनाथ यात्रा के दौरान पत्थरबाजी कर माहौल को बिगाड़ने की कोशिश की जाती है। अमरनाथ यात्रा को सकुशल संपन्न कराने के लिए सभी एहतियाती कदम उठाए जाएंगे। 

व्हाट्सएप ग्रुप भी रहेंगे निशाने पर
सुरक्षा एजेंसियों के निशाने पर व्हाट्सएप ग्रुप भी रहेंगे। इस बात की तहकीकात की जाती रहेगी कि युवाओं को पत्थरबाजी के लिए भड़काने में व्हाट्सएप ग्रुप का इस्तेमाल तो नहीं हो रहा है। टेरर फंडिंग मामले की जांच कर रही एनआईए ने ऐसे ग्रुपों पर नकेल कसा था। कई ग्रुप ऐसे भी पाए गए थे जिसमें पाकिस्तान से दिशा-निर्देश मिलने की बात सामने आई थी। 
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महबूबा सरकार ने नौ हजार पत्थरबाजों से हटाए थे मुकदमे
महबूबा सरकार ने नौ हजार पत्थरबाजों से पिछले दिनों मुकदमे हटाए थे। इसका गठबंधन सहयोगी भाजपा ने विरोध करते हुए समीक्षा की बात कही थी। ऐसी भी रिपोर्टें आई थीं कि मुकदमा हटने के बाद दोबारा से युवा पत्थरबाजी में शामिल हो रहे हैं।

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