रसाना में मासूम से दुष्कर्म और हत्या के मामले की सीबीआई जांच के लिए संघर्ष कर रही बार एसोसिएशन के चुनाव टल गए हैं। अप्रैल महीने में होने वाले चुनाव हाईकोर्ट की छुट्टियां समाप्त होने के बाद जुलाई महीने में कराए जाने की संभावना है।
अप्रैल महीने में बार एसोसिएशन के चुनाव कराए जाने थे। एक साल के कार्यकाल के बाद हर साल जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के चुनाव कराए जाते हैं। इस चुनावों के लिए सरगर्मियां मार्च में ही तेज हो गई थी और कई वकीलों ने चुनावों के लिए तैयारियां भी शुरू कर दी थी। रसाना केस को सीबीआई को सौंपने, सुंदरबनी, नौशेरा को जिला का दर्जा दिए जाने की मांग पर बार एसोसिएशन की अपील पर वकीलों ने कामकाज ठप किया। संघर्ष जम्मू बनाम कश्मीर हो गया और मुद्दा अंतरराष्ट्रीय बन गया।
अब सुप्रीम कोर्ट, जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट और पठानकोट के जिला एवं सत्र न्यायालय में केस की सुनवाई की जा रही है। मामले के राजनीतिक करण के कारण मुद्दा सुर्खियों में रहा। जून महीने से हाईकोर्ट में एक महीने की छुट्टियां पड़ रही है। बार के चुनावों का अध्यादेश जारी नहीं हो पाया है। संभावना है कि चुनाव एक महीने और लटक जाएंगे।