General D Anbu,GOC Northern Command
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शहादत पर राजनीति करने वालों को सेना ने करारा जवाब दिया है। सेना की उत्तरी कमान के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल देवराज अनबू ने कहा है कि सेना में किसी की शहादत को कोई सांप्रदायिक रंग नहीं दिया जाता। सेना में सभी एक समान और बिना भेदभाव के काम करते हैं।
जो देश के खिलाफ हथियार उठाएगा वह आतंकी होगा और सेना उसको नहीं छोड़ेगी। शहीद का कोई धर्म नहीं होता है। डी अनबू का यह बयान एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन औवेसी के उस टिप्पणी के बाद आया है जिसमें औवेसी ने जम्मू के सुंजवां में आतंकी हमले में शहीद हुए पांच मुस्लिम जवानों की शहादत को लेकर कुछ लोगों की चुप्पी पर सवाल खड़े किए थे।
अनबू ने औवैसी का नाम लिए बगैर कहा कि जो लोग सेना की कार्यशैली नहीं जानते, वे ही इस तरह का बयान देते हैं। उत्तरी कमांड के चीफ लेफ्टिनेंट जनरल डी अनबू ने अलंकरण समारोह में मीडिया कर्मियों से कहा कि जम्मू में आतंकी हमला दुश्मन देश की बौखलाहट का सबूत है।
दुश्मन देश को सीमा और घाटी में मुंह की खानी पड़ रही है, इसलिए अब उसने आतंकी हमलों द्वारा शांत इलाकों को अपना निशाना बनाना शुरू कर दिया है। उन्होंने कहा कि सेना की देश भर में सैकड़ों यूनिटें हैं और सबकी सुरक्षा के लिए पूरे बंदोबस्त करना चुनौती है।
उन्होंने बताया कि उड़ी कैंप में आतंकी हमले के बाद सेना ने कैंपों की सुरक्षा पर करीब 364 करोड़ रुपये खर्च किए हैं। सेना सीमा पार से घुसपैठ को रोकने के लिए लगातार काम कर रही है। घुसपैठ रुकने के बाद ही देश में आतंकवाद का खात्मा संभव है।
इसके अलावा कश्मीर के लोगों को भी जागरूक होकर अपने बच्चों व युवाओं की तरफ ध्यान देना होगा। डी अनबू ने कश्मीर के अंदर सेना के ट्रेनिंग सेंटर को हटाने से भी पूरी तरह से इंकार कर दिया। उन्होंने कहा कि उन्हें अपनी सेना पर पूरा भरोसा है।