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खेलो इंडिया विंटर गेम्स: सेना ने आइस-हॉकी का स्वर्ण बरकरार रखा...चंडीगढ़ ने दिल जीते; हरियाणा ओवरऑल चैंपियन

Mon, 26 Jan 2026 08:57 PM IST
राहुल तिवारी अमर उजाला नेटवर्क, लेह

सार

खेलो इंडिया विंटर गेम्स 2026 के लद्दाख चरण में पुरुष आइस-हॉकी में भारतीय सेना की टीम ने चंडीगढ़ को 3-2 से हराकर स्वर्ण पदक बरकरार रखा। फिगर और स्पीड स्केटिंग में हरियाणा ने चार स्वर्ण पदक जीतकर टीम चैंपियनशिप अपने नाम की, जबकि लद्दाख, महाराष्ट्र और तेलंगाना रजत पदकों के आधार पर क्रम में रहे।
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खेलो इंडिया विंटर गेम्स 2026 परिणाम - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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भारतीय सेना की टीम ने अपने अनुभव का पूरा इस्तेमाल करते हुए जुझारू चंडीगढ़ को 3-2 से हराकर रिपब्लिक डे के दिन एनडीएस स्टेडियम में पुरुष वर्ग की खेलो इंडिया विंटर गेम्स आइस-हॉकी का स्वर्ण पदक बरकरार रखा। मैच का निर्णायक गोल अंत से महज तीन मिनट पहले आया और खेलो इंडिया विंटर गेम्स 2026 के लद्दाख चरण को इससे बेहतर और रोमांचक समापन नहीं मिल सकता था।

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फिगर और स्पीड स्केटिंग में जीते चार स्वर्ण पदकों की बदौलत हरियाणा ने खेलो इंडिया विंटर गेम्स 2026 के लद्दाख चरण की टीम चैंपियनशिप अपने नाम की। लद्दाख, महाराष्ट्र और तेलंगाना ने दो-दो स्वर्ण पदक जीते, लेकिन रजत पदकों की संख्या के आधार पर रैंकिंग तय हुई। लद्दाख (5 रजत), महाराष्ट्र (3 रजत) और तेलंगाना (2 रजत) इसी क्रम में पदक तालिका में रहे।

चंडीगढ़ की पुरुष आइस-हॉकी टीम शनिवार को सेमीफाइनल में मेजबान लद्दाख को 3-2 से हराकर चर्चा का केंद्र बन गई। खेलो इंडिया विंटर गेम्स 2025 में पहली बार आइस-हॉकी खेलने वाली चंडीगढ़ टीम का फाइनल में पहुंचना काबिले-तारीफ रहा। सेना के खिलाफ भी चंडीगढ़ ने साबित किया कि लद्दाख के खिलाफ मिली जीत कोई संयोग नहीं थी। दो गोल से पिछड़ने के बाद वापसी करते हुए लगभग अतिरिक्त समय तक मैच ले जाना शानदार प्रदर्शन था।

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एनडीएस स्टेडियम ने शायद ही कभी रिपब्लिक डे ऐसा मनाया हो। पांच हजार दर्शकों की क्षमता वाला नया, कवर रूफ वाला स्टेडियम फाइनल शुरू होने से एक घंटे पहले ही पूरी तरह भर चुका था। सेना ने छठे मिनट में बढ़त बनाई, जब पद्मा नामग्याल का लंबी दूरी का फ्लिक गोल में तब्दील हुआ। पहले पीरियड के 10वें मिनट में त्सेवांग दोरजे ने एक और दमदार पुश के जरिए स्कोर 2-0 कर दिया।

हालांकि चंडीगढ़ ने हार नहीं मानी। दूसरे पीरियड में कोई गोल नहीं हुआ। चंडीगढ़ ने साफ-सुथरी हॉकी खेली और आमतौर पर शारीरिक खेल वाले मुकाबलों के विपरीत, फाइनल कौशल के लिहाज से आकर्षक रहा।

अंतिम क्वार्टर में चंडीगढ़ ने जबरदस्त वापसी की। आठ मिनट शेष रहते गुरतेज सिंह भट्टी ने सेना की रक्षा पंक्ति को भेदते हुए गोल किया और इसके बाद बिरशाहांजीत सिंह ने सेना के गोल के पीछे से आकर शानदार फ्लिक से स्कोर 2-2 कर दिया। रेफरियों ने दस मिनट से अधिक समय तक समीक्षा के बाद इस गोल को वैध करार दिया।

चंडीगढ़ की इस वापसी से स्तब्ध सेना ने इसके बाद खेल का स्तर ऊंचा किया और हर दिशा से चंडीगढ़ के गोल पर दबाव बनाया। चंडीगढ़ की रक्षा में बस एक बार चूक हुई और वही निर्णायक साबित हुई।

चंडीगढ़ के मुख्य कोच गौरव रहेजा ने कहा
“मुझे लगता है कि हम ही विजेता हैं। यह सचमुच एक असाधारण अनुभव रहा और सब कुछ ईश्वर की कृपा से संभव हुआ। यह सफर हमारे लिए बहुत मायने रखता है। हम वादा करते हैं कि अगली बार और कड़ी मेहनत करेंगे, अधिक समर्पण के साथ अभ्यास करेंगे और राज्य स्तर से आगे तक ट्रॉफियों के लिए लड़ेंगे।”

गोल करने वाले बिरशाहांजीत ने कहा
“मैं पिछले आठ वर्षों से इनलाइन हॉकी खेल रहा हूं और उस अनुभव ने मेरी स्केटिंग, ड्रिब्लिंग और पक-कंट्रोल में काफी आत्मविश्वास दिया है। मुझे लगता है कि आज मैं इसे रिंक पर दिखा सका। आइस पर यह मेरा केवल दूसरा साल है। पिछले साल हमारी टीम पांचवें स्थान पर रही थी और मुझे लगता है कि हमने काफी प्रगति की है। मुझे पूरा भरोसा है कि अगले साल हम स्वर्ण पदक के लिए खेलेंगे।”

एनडीएस स्टेडियम में रिपब्लिक डे की शुरुआत 2000 मीटर शॉर्ट ट्रैक मिक्स्ड रिले हीट्स से हुई। इस रिले में सर्वश्रेष्ठ स्पीड स्केटर्स ने हिस्सा लिया और सभी छह टीमों ने अपना सर्वश्रेष्ठ संयोजन उतारा। टीमों को दो समूहों में बांटा गया, जिनमें से शीर्ष तीन फाइनल के लिए क्वालीफाई हुईं।

कम से कम तीन स्केटर नयना श्री तल्लुरी (तेलंगाना), स्कर्मा त्सुल्तिम (लद्दाख) और सचिन सिंह (हरियाणा) अपने तीसरे स्वर्ण पदक की दौड़ में थे। लेकिन हीट नंबर एक में तेलंगाना और तमिलनाडु अयोग्य घोषित कर दिए गए, जबकि हीट नंबर दो में हरियाणा अंतिम स्थान पर रहा।
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फाइनल में महाराष्ट्र, लद्दाख और कर्नाटक की टीमें उतरीं। महाराष्ट्र का संयोजन सबसे मजबूत रहा और इसका असर प्रदर्शन में दिखा। ईशान दारवेकर, अन्वयी देशपांडे, सोहन तरकर और शैलेन फर्नांडिस की चौकड़ी ने 3:22.47 के समय के साथ स्वर्ण पदक जीता। तेज स्केटर स्कर्मा के नेतृत्व में लद्दाख ने अच्छी शुरुआत की, लेकिन अंततः 3:29.34 के समय के साथ रजत से संतोष करना पड़ा। कर्नाटक की टीम ने अपनी सीमाओं में रहते हुए खेलते हुए कांस्य पदक हासिल किया।

आइस-स्केटिंग प्रतियोगिता के अंत में लद्दाख की स्कर्मा त्सुल्तिम ने चार पदक जीते (1000 मीटर लॉन्ग ट्रैक और महिला रिले में स्वर्ण; 500 मीटर लॉन्ग ट्रैक और मिक्स्ड रिले में रजत)। महाराष्ट्र के दारवेकर (दो स्वर्ण) और देशपांडे (एक स्वर्ण) ने तीन-तीन पदक जीते, जबकि नयना ने इस बार दो व्यक्तिगत स्वर्ण पदक अपने नाम किए। हरियाणा के सचिन सिंह ने भी दो स्वर्ण पदक जीते।

खेलो इंडिया विंटर गेम्स 2026 फाइनल परिणाम

आइस-स्केटिंग
(2000 मीटर शॉर्ट ट्रैक मिक्स्ड रिले)
  • महाराष्ट्र (ईशान दारवेकर, अन्वयी देशपांडे, सोहन तरकर, शैलेन फर्नांडिस) – 3:22.47
  • लद्दाख (स्कर्मा त्सुल्तिम, स्टैनजिन जंपल, तस्निया शमीम, मोहम्मद सकूफ रजा) – 3:29.34
  • कर्नाटक (जीवी राघवेंद्र, सृजा एस राव, ओंकारा योगराज, सहस्र नेल्लातुरी) – 3:57.01
आइस-हॉकी फाइनल (पुरुष)
  • भारतीय सेना ने चंडीगढ़ को 3-2 से हराया।
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