मंगलवार को सांबा के रामगढ़ सेक्टर में मारे गए सीमा सुरक्षा बल के जवान के शव पर भी 'बूबी ट्रैप' लगे होने की आशंका के चलते बीएसएफ के अधिकारियों ने यह पहले सुनिश्चित कर लिया कि ऐसा कुछ नहीं है और तभी जवान के शव को कब्जे में लिया गया।
पठानकोट आतंकी हमले में 'बूबी ट्रैप' ने ली थी उच्च अधिकारी की जान
बीते वर्ष हुए पठानकोट आंतकी हमले में एनएसजी के उच्च अधिकारी लेफ्टिनेंट कर्नल निरंजन जब मारे तीनों आतंकियों के शवों की जांच कर रहे थे तो तीसरे शव पर 'बूबी ट्रैप' लगा हुआ था जिसमें फंस कर वह शहीद हो गए। हालांकि एनएसजी के तत्कालीन चीफ ने तब भी कहा था कि उक्त अधिकारी ने एसओपी का पूरा पालन किया लेकिन 'बूबी ट्रैप' एक नवीनतम तकनीक से लगा हुआ था।
'बूबी ट्रैप' को लेकर बड़े कड़े दिशा निर्देश
पठानकोट में उच्च अधिकारी लेफ्टिनेंट कर्नल निरंजन को खोने के बाद उच्चतम स्तर 'बूबी ट्रैप' को लेकर मंथन हुआ और कड़े दिशा निर्देश तुरंत जारी किए गए। इनमें आतंकी हमला होने पर मारे गए आतंकियों के शरीर से दूरी बनाए रखने और उसे रस्सियों से बांध कर खींचने या उल्टा- सीधा करने की प्रक्रिया को एसओपी में शामिल किया गया था।