हवाई अड्डे पर मारपीट में घायल कर्मी। वीडियो ग्रैब
- फोटो : संवाद
सेना के एक लेफ्टिनेंट कर्नल ने अतिरिक्त सामान को लेकर स्पाइसजेट के 4 कर्मियों को बेरहमी से पीटा। एक को तो बेहोश होने के बाद भी पैर से पीटता रहा। हमले में एक की रीढ़ की हड्डी, जबकि एक का जबड़ा टूट गया। एक की नाक से खून बहने लगा।
एयरलाइन ने मारपीट की सीसीटीवी फुटेज स्थानीय पुलिस को सौंपकर लेफ्टिनेंट कर्नल रितेश कुमार सिंह पर एफआईआर दर्ज कराई है। सेना भी कार्रवाई करने की तैयारी में है। 26 जुलाई की घटना का खुलासा रविवार को हुआ। स्पाइसजेट ने अफसर को नो फ्लाइंग लिस्ट में डाल दिया है। उचित कार्रवाई के लिए नागरिक उड्डयन मंत्रालय को पत्र लिखा है। वहीं, अफसर ने भी विमानन कंपनी के कर्मचारियों के खिलाफ केस दर्ज कराया है। ब्यूरो
गुलमर्ग के हाई एल्टीट्यूड वारफेयर स्कूल में तैनात लेफ्टिनेंट कर्नल रितेश कुमार सिंह 26 जुलाई की शाम 6:10 बजे स्पाइसजेट की फ्लाइट एसजी-386 से दिल्ली जाने के लिए बोर्डिंग के लिए पहुंचे। सूत्रों के मुताबिक विवाद तब शुरू हुआ जब ले. कर्नल को बताया गया कि उनके केबिन बैगेज के दो बैग का वजन 16 किलोग्राम है जो नियमत: सात किलोग्राम के दोगुने से भी ज्यादा है। आरोप है कि अधिक वजन का भुगतान करने को कहा गया तो इनकार करते हुए बोर्डिंग की औपचारिकता पूर्ण किए बिना जबरन जबरन एयरोब्रिज में घुस गए। सीआईएसएफ ने उन्हें वापस गेट तक पहुंचाया, तो बौखलाकर रितेश ने एयरलाइंस के ग्राउंड स्टाफ से मारपीट शुरू कर दी।
स्पाइसजेट ने मंत्रालय को लिखा पत्र, पुलिस ने शुरू की जांच
एयरपोर्ट सिक्योरिटी ग्रुप (एएसजी) के कर्मियों ने तुरंत हस्तक्षेप करते हुए स्थिति को नियंत्रित किया। फ्लाइट निर्धारित समय पर दिल्ली के लिए रवाना हुई। स्पाइसजेट ने नागरिक उड्डयन मंत्रालय को भी पत्र लिखकर इस हमले को जानलेवा बताते हुए उचित कार्रवाई का आग्रह किया है। स्पाइसजेट एयरलाइन ने जारी बयान में मारपीट की निंदा करते हुए कानूनी कार्रवाई के साथ ही विभागीय जांच कराने को कहा है।
सेना ने कहा-जांच में पूरा सहयोग कर रहे
सेना की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि श्रीनगर एयरपोर्ट पर एक सैन्यकर्मी और एयरलाइन कर्मचारी के बीच कथित झड़प का मामला संज्ञान में आया है। भारतीय सेना अनुशासन और आचरण के उच्चतम मानकों को बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है और सभी आरोपों को गंभीरता से लेती है। मामले की जांच में अधिकारियों को पूरा सहयोग दिया जा रहा है।