हाल में शोपियां के तुर्कवानगम में आईईडी विस्फोट के बाद न केवल जश्न मनाया गया बल्कि घायल जवानों पर पत्थर भी बरसाए गए। कुछ तत्व ऐसे हैं जो हिंसा के लिए भड़काते हैं और जब सेना कार्रवाई करती है तो हिंसा भड़काने वाले उन्हें निर्दोष बताते हैं। पत्थर खाने वाले जवानों से क्या अपेक्षा की जाती है जबकि वह बच्चों में स्पोटर्स किट और स्टेशनरी बांटते हैं। उन्होंने कहा कि सेना संकट पैदा नहीं करनी चाहती है, लेकिन उसकी प्राथमिकता युवा तथा शांति बहाली है। घाटी में ज्यादातर लोग शांति चाहते हैं।
जीओसी ने कहा कि सेना चाहती है कि प्रत्येक स्थानीय आतंकी समर्पण करे। स्थानीय आतंकियों को मारने में आनंद नहीं आता है। हाल में कुलगाम जिले के छिद्दर में मुठभेड़ के दौरान एक स्थानीय आतंकी ने समर्पण किया। वह बिल्कुल सुरक्षित है। उसे किसी भी प्रकार का नुकसान नहीं पहुंचाया गया। साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि विदेशी आतंकियों को समर्पण का किसी प्रकार का मौका नहीं दिया जाएगा।