सेना ने पुलिस को बयान दर्ज करवाते हुए पत्थरबाजी में क्षतिग्रस्त वाहन के फोटोग्राफ भी सौंपे। एसएसपी शोपियां एएस दिनकर ने बताया कि सेना का बयान दर्ज कर लिया गया है। इसके आधार पर जांच की जाएगी। सेना की तरफ से काउंटर एफआईआर के बारे में उन्होंने बताने से इनकार कर दिया।
सूत्रों के मुताबिक सेना ने बयान में कहा है कि घटना के समय भीड़ को मौखिक चेतावनी दी गई। हिंसक प्रदर्शन और भीड़ के उग्र होने पर ही सिंगल शाट वार्निंग फायर किए गए थे। तभी वाहनों पर पेट्रोल बम फेंका गया और आसपास के घरों से पत्थर बरसाए गए। इसमें एक जेसीओ के सिर पर चोट लगी।
हालातों को बेकाबू होता देख भीड़ पर फायरिंग की गई। 27 जनवरी को शोपियां में हिंसा के दौरान सेना की फायरिंग में दो युवक मारे गए थे। इसके बाद पुलिस ने मेजर आदित्य व अन्य के खिलाफ हत्या समेत विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया था।
डीजीपी एसपी वैद ने कहा कि एफआईआर में सेना की 10 गढ़वाल रेजीमेंट का नाम शामिल है, जिसको उस समय मेजर आदित्य लीड कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने भी इस घटना की मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश दिए हैं।