भारतीय सेना ने मंगलवार को जम्मू एवं कश्मीर से सीमावर्ती इलाके अखनूर सेक्टर के पास एक भूमिगत सुरंग खोज निकाली, जो घुसपैठियों को भारत की सीमा के अंदर भेजने के लिए बनाई जा रही थी।
अखनूर के संवेदनशील पल्लनवाला सेक्टर में भारत-पाक सीमा के पास करीब 150 मीटर लंबी सुरंग मिली। आतंकियों ने इस सुरंग को भारत में घुसपैठ करने के इरादे से बनाई थी।
सेना के प्रवक्ता ने बताया कि जम्मू क्षेत्र में आतंकवादियों से घुसपैठ कराने में नाकाम होने के बाद नियंत्रण रेखा के पास सुरंग खोदने का प्रयास किया है।
प्रवक्ता के मुताबिक अखनूर में सतर्क सेना के जवानों ने सुरंग पूरी होने से पहले ही इसका पता लगाकर आतंकवादियों के नापाक इरादे को नाकाम कर दिया।
जमीन से लगभग 20 फुट नीचे थी सुरंग
यह सुरंग जमीन से लगभग 20 फुट नीचे थी और इसकी उंचाई 4 फुट थी। सैन्य अधिकारियों का मानना है कि पाकिस्तान की ओर से शुरू होने वाली इस सुरंग की खुदाई आतंकियों का प्रवेश करवाने के लिए की गई थी।
सेना के प्रवक्ता ने कहा कि इस इलाके में गश्त करने वाले भारतीय सेना के जवानों ने जमीन में कुछ दबाव महसूस किया और इसकी जांच रेडार व अन्य उपकरणों से करने पर उन्हें सुरंग मिली।
जम्मू एवं कश्मीर में भारतीय सेना नियंत्रण रेखा पर निगरानी करती है, जबकि बीएसएफ अंतर्राष्ट्रीय सीमा की सुरक्षा में तैनात है।
पिछले महीने भी मिली थी सुरंग
गौरतलब है कि सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) ने भी पिछले महीने जम्मू जिले में अंतर्राष्ट्रीय सीमा के पास इसी तरह की भूमिगत सुरंग का पता लगाया था।
जहां 22 जुलाई 2014 को सशस्त्र आतंकियों द्वारा घुसपैठ की कोशिश की गई थी और इसमें एक आतंकी मारा गया था और एक जवान भी शहीद हो गया था। अधिकारियों के अनुसार, सेना के जवानों ने इस इलाके में वर्ष 2008 में भी एक सुरंग खोज निकाली थी।
27 जुलाई 2012 को भी बारिश के कारण जम्मू कश्मीर के सांबा जिले में बीएसएफ की चिल्लायरी सीमा चौकी का एक क्षेत्र दो या तीन स्थान से धंस गया।
जमीन धंसने के बाद, इसकी वजह का पता लगाने के लिए खुदाई की गई। जहां पर सेना को एक सुरंग मिली थी। ये जमीनी स्तर से 25 फुट नीचे खोदी गई इस सुरंग की भारत की ओर लंबाई 400 मीटर थी।