फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कश्मीरी माताएं कराएं आतंकी बेटों को सरेंडर, वर्ना जो बंदूक उठाएगा वो मारा जाएगा : सेना

Tue, 19 Feb 2019 10:55 AM IST
Pranjal Dixit अमृतपाल सिंह बाली, श्रीनगर

सार

  • सेना बोली, हमले में पाकिस्तानी सेना और आईएसआई शामिल
  • जैश-ए-मोहम्मद पाकिस्तानी सेना का बच्चा, आईएसआई कर रही नियंत्रित
विज्ञापन
KJS Dhillon Indian Army - फोटो : PTI
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

जम्मू-श्रीनगर हाईवे पर पुलवामा में सीआरपीएफ के काफिले पर कार बम हमले में पाकिस्तान का हाथ था। इसमें पाकिस्तानी सेना और उसकी खुफिया एजेंसी आईएसआई शामिल थी। पुलवामा मुठभेड़ में सोमवार को मारा गया पाकिस्तानी आतंकी कामरान घाटी में आतंकवादी संगठन जैश ए मोहम्मद का स्वयंभू मुख्य ऑपरेशनल कमांडर था और पुलवामा हमले का मास्टरमाइंड था। यह खुलासा सेना की श्रीनगर स्थित 15वीं कोर के जीओसी लेफ्टिनेंट जनरल केजेएस ढिल्लन ने किया है।
विज्ञापन




जीओसी ने मंगलवार को पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि पुलवामा हमले को जैश-ए-मोहम्मद ने अंजाम दिया। पाकिस्तानी सेना व आईएसआई की मदद से पाकिस्तान का इस पर नियंत्रण है। एक आत्मघाती हमलावर ने विस्फोटकों से लदी कार से काफिले की एक बस को टक्कर मार दी। कश्मीर में यह इस तरह की पहली घटना थी। इस तरह की घटना यहां पहले कभी नहीं हुई। हालांकि, सीरिया, अफगानिस्तान और पाकिस्तान में ऐसी घटनाएं होती रही हैं। अब यहां भी आतंकियों की ओर से इस माडस आपरेंडी का इस्तेमाल किया जाने लगा है। नए खतरे को देखते हुए इसके अनुरूप रणनीति बनाई जा रही है।
विज्ञापन

 

#WATCH Live from Srinagar: Army, CRPF and J&K Police address the media https://t.co/b4u0mnJzJD


उन्होंने कहा कि आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद पाकिस्तानी सेना का बच्चा है। इसे उसने खड़ा किया है। इस पर पाकिस्तानी सेना तथा आईएसआई का नियंत्रण है। इसमें पाकिस्तानी सेना की 100 प्रतिशत संलिप्तता है, इसमें कोई संदेह नहीं है। सोमवार को पुलवामा के पिंगलीना में हुई मुठभेड़ के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि इसमें कामरान सहित जैश के तीन आतंकवादियों को ढेर कर दिया गया। कामरान घाटी में आतंकवादी संगठन का स्वयंभू मुख्य ऑपरेशनल कमांडर था और पुलवामा हमले का मास्टरमाइंड था।

सूचना के आधार पर रविवार की देर रात इस माड्यूल को घेरा गया। कार बम हमले के 100 घंटों के भीतर ही कश्मीर में जैश के नेतृत्व का सफाया कर दिया गया। 14 फ रवरी को हमले के बाद से ही सुरक्षा बल जैश के शीर्ष नेतृत्व पर नजर रख रहे थे। पत्रकार वार्ता में उनके साथ आईजी पुलिस एसपी पाणि और सीआरपीएफ  के आईजी जुल्फि कार हसन भी थे।

आतंकी हथियार छोड़ दें या फिर ढेर होने को रहें तैयार
पुलवामा आतंकी हमले और इसके 100 घंटे बाद मुठभेड़ में जैश के तीन आतंकियों को मारने के बाद सेना ने आतंकियों और उनके परिवारवालों को सख्त संदेश दिया है। साफ  कहा कि आतंकी या तो हथियार छोड़ दें या फिर ढेर होने के लिए तैयार रहें। घाटी से आतंकियों के सफाये का ऑपरेशन जारी रहेगा। सेना प्रमुख ने कहा कि आतंकवादी बन गए युवकों की माताओं से अपील है कि वे अपने बेटों को आत्मसमर्पण करने के लिए समझाएं अन्यथा उनका सफाया कर दिया जाएगा। कश्मीर में हथियार उठाने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा बशर्ते कि वह आत्मसमर्पण कर दे। यह उन सभी के लिए संदेश और अनुरोध है।

कितने गाजी आए और चले गए
सोमवार को मारे गए जैश आतंकवादी गाजी अब्दुल राशिद के बारे में पूछे जाने पर जीओसी ने कहा कि कई गाजी आए और चले गए। इसमें कुछ भी नया नहीं है। हम इससे निपटते रहेंगे। किसी गाजी को आने दीजिए। जो आतंकी कश्मीर में आएगा जिंदा नहीं बचेगा

इस साल मारे गए 31 में जैश के 12 आतंकी
आईजी पुलिस एसपी पाणि ने कहा कि पिछले साल जैश के 58 आतंकी मारे गए थे। इस साल भी अब तक मारे गए 31 आतंकियों में से 12 जैश के थे। हालांकि, युवाओं के आतंक से जुड़ने में कमी आई है । घाटी में जो भी घुसपैठ करेगा वह जिंदा नहीं बचेगा। टॉप कमांडरों के मारे जाने से स्थानीय युवाओं के बंदूक थामने की घटनाओं में पिछले तीन महीने में कमी आई है। बच्चों की घर वापसी में उसके परिवार वालों की महत्वपूर्ण भूमिका है।
विज्ञापन

आईबी से घुसपैठियों को धकेल रहा पाकिस्तान
जीओसी ने कहा कि पिछले कुछ महीने से बर्फबारी तथा खराब मौसम के कारण एलओसी पर घुसपैठ के मद्देनजर बहुत अधिक गतिविधियां नहीं हैं। लेकिन पाकिस्तान की ओर से जम्मू की तरफ से घुसपैठियों को धकेला जा रहा है। अन्य रास्तों से घुसपैठ हो रही है। अंतरराष्ट्रीय सीमा पर सांबा, हीरानगर तथा पठानकोट से घुसपैठ जारी है। कश्मीर में वह घुसपैठ परिणाम प्राप्त करने के लिए कर रहा है। हालांकि, इसमें कमी आई है।

युवाओं में कट्टरवाद चिंता का विषय
लेफ्टिनेंट जनरल ने कहा कि युवाओं में बढ़ता कट्टरवाद चिंता का विषय जरूर है, लेकिन इस दिशा में किए गए प्रयासों से इसमें कमी आनी शुरू हो गई है। कश्मीर के युवाओं को कट्टरवाद के रास्ते पर धकेलने में कुछ अवांछनीय तत्व लगे हुए हैं। सुरक्षा बलों तथा समाज के अन्य प्रबुद्ध तबके की मदद से इसमें कमी लाने की कोशिशें की जा रही हैं। सामूहिक रूप से इस प्रयास को जारी रखा गया है।  

बेहतर समर्पण नीति
जीओसी ने कहा कि सरकार ने बहुत अच्छी समर्पण नीति शुरू की है। इस वजह से जिन बच्चों ने हथियार उठाए हैं उनके अभिभावकों को यह संदेश है कि उनके बच्चे मुख्यधारा में शामिल हो सकते हैं। इसके लिए उन्हें प्रयास करना चाहिए।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें