उन्होंने इस दौरे को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि उन्हें कोरोना वायरस को लेकर सेना ने विशेष प्रोटोकाल बनाएं हैं। इसलिए इससे सेना का कोई भी ऑपरेशन प्रभावित नहीं हुआ। लॉकडाउन और छुट्टी पर जाने असमर्थता के बाद भी जवानों के हौसले बुलंद हैं। उनके साथ उत्तरी कमांड के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल वाईके जोशी और चिनार कोर के कमांडर बीएस राजू में मौजूद रहे।
सेना प्रमुख ने कहा कि इस महीने की शुरुआत में ही उत्तरी कश्मीर की एलओसी पर केरन सेक्टर में सेना ने घुसपैठ नाकाम करते हुए पांच आतंकियों को मार गिराया था। इस ऑपरेशन में पांच जवान शहीद हो गए थे। बताया कि जिस इलाके से आतंकियों ने घुसपैठ की कोशिश की वह पाकिस्तानी सेना की मदद के बिना संभव नहीं था। सीमा पार पर कई लांचिंग पैड सक्रिय हैं।
जनरल नरवणे ने बताया, सेना में अब तक आठ जवानों में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई है। इनमें दो डॉक्टर और एक नर्स सहायक है। चार की हालत में सुधार हो रहा है। लद्दाख में जो पहला जवान संक्रमित मिला था, वह ठीक होकर ड्यूटी पर लौट चुका है। कोरोना वायरस को लेकर सेना ने विशेष प्रोटोकाल बनाएं हैं।
अनुच्छेद 370 के हटने बाद से एलओसी के करीब स्थित आंतरिक इलाकों के साथ प्रदेश के हालातों को लेकर सेना प्रमुख ने कहा कि हिंसा के स्तर में भारी गिरावट दर्ज है। उन्होंने कहा कि आंकड़ों के आधार पर बात करें तो पत्थरबाजी की घटनाओं के साथ आतंकी गतिविधियों में भी कमी आई है।