सूत्रों का कहना है कि पाकिस्तान अधिकृत क्षेत्र में आतंकी शिविरों में मौजूद करीब 80 प्रतिशत आतंकी कोरोना से संक्रमित हो चुके हैं। इनमें भी ज्यादातर कश्मीर से वहां पहुंचे हैं। इनमें से कई ऐसे आतंकी भी हैं, जिनका अभी प्रशिक्षण भी पूरा नहीं हुआ है परंतु पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ऐसे आतंकियों को भी प्रशिक्षण शिविरों से निकाल कर लांचिंग पैड्स तक पहुंचा रही है।
इसके पीछे पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी और सेना की मंशा भारतीय क्षेत्र में कोरोना का संक्रमण बढ़ाकर ज्यादा से ज्याद नुकसान कराना है। अगर ऐसे कोरोना संक्रमित आतंकी घुसपैठ करने में सफल हो जाते हैं तो उन्हें पीर पंजाल को पार कर कश्मीर में प्रवेश करना होगा।
ऐसे आतंकी घुसपैठ करते हुए मारे भी जाते हैं तो उनके शव एवं उनके हथियार आदि को उठाने वालों के कोरोना संक्रमित होने की पूरी आशंका बनी रहेगी। हालांकि पाकिस्तान की किसी भी प्रकार की नापाक हरकत को सेना की तरफ से नाकाम बनाया जा रहा है।
कुछ दिन पहले ही नियंत्रण रेखा से सटे कीरनी क्षेत्र के कुछ लोगों ने पाकिस्तानी सेना की चौकियों के पास स्थित मस्जिद में दस पंद्रह लोगों की गतिविधियों के बारे में सेना को जानकारी दी थी। उस मस्जिद के पास से ही पाकिस्तानी सेना की तरफ से क्षेत्र में गोलाबारी की जा रही है और मस्जिद में कई लोग सुबह शाम अंदर बाहर निकलते दिखाई देते हैं।