जवानों को श्रद्धांजलि देते सेना प्रमुख
- फोटो : Amar Ujala
सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत ने आतंक रोधी अभियानों के दौरान पत्थरबाजों से निपटने के लिए सुरक्षा बलों को संयुक्त प्लान के तहत काम करने के निर्देश दिए हैं।
शोपियां आतंकी हमले में शहीद हुए तीन जवानाें को श्रद्धांजलि देने घाटी पहुंचे जनरल रावत ने आतंक रोधी यूनिट किलो फोर्स और विक्टर फोर्स के मुख्यालय में कहा, आतंकियों के खिलाफ अभियान में पत्थरबाजी की घटनाएं अड़चनें पैदा कर रहीं हैं।
इस चुनौती से निपटने के लिए सुरक्षा बलाें को आपसी समन्वय स्थापित करना होगा। उन्होंने कहा, सुरक्षा एवं निगरानी तंत्र को और मजबूत करने की जरूरत है। सुरक्षा एजेंसियाें संयुक्त प्लान के जरिए ही ऐसे हालात से निपट सकती हैं।
शुक्रवार को जनरल रावत समेत उत्तरी कमान प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल डी अनबू, चिनार कोर के जीओसी लेफ्टिनेंट जनरल जेएस संधू व अन्य अफसरों ने तिरंगे में लिपटे शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री महबूबा की जगह ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री अब्दुल हक खान और कृषि मंत्री गुलाम नबी लोन शहीदों को श्रद्धांजलि देने पहुंचे। श्रद्धांजलि के बाद शहीदों के शव उनके पैतृक आवास के लिए भेज दिए गए।
सुरक्षाबलों को रणनीति के तहत काम करने के निर्देश
शहीद का शव लेकर पैतृक निवास पहुंचे जवान
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घाटी के सुरक्षा परिदृश्य की समीक्षा करते हुए सेना प्रमुख ने सेना समेत अन्य सुरक्षा बलों द्वारा चलाए जा रहे अभियानों और आतंकवाद से निपटने की रणनीति पर अमल की मालुमात हासिल की। उन्हाेंने कहा, अमन बहाली के लिए सुरक्षा बलाें को अपनी कोशिशें लगातार जारी रखनी होंगीं।
समय-समय पर समीक्षा कर ड्यूटी का पेशेवर अंदाज में निर्वाह किया जाए। जनरल रावत ने आतंकी हमले में शहीद हुए लांस नायक गुलाम मोहिउद्दीन, सिपाही विकास सिंह गुर्जर और सैपर श्रीजीथ एमजे के परिवाराें के प्रति संवेदनाएं प्रकट कीं।
सैन्य प्रवक्ता ने बताया, जनरल रावत ने बुजुर्ग महिला ताजा बेगम की मौत पर भी दुख जताया। आतंकियों की गोली लगने से महिला की मौत हो गई थी। इससे पूर्व वीरवार को सेना प्रमुख ने आर्मी बेस अस्पताल में उपचाराधीन सैन्य अफसराें और जवानों का कुशलक्षेम जाना।