सेना को रियासत से रातोंरात नहीं हटाया जा सकता। यह कहना है कि पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला का। उमर ने सोमवार को साफ कहा कि जिस तरह के रियासत में हालात हैं, ऐसे में सेना को तुरंत हटाना संभव नहीं। हालांकि, उन्होंने कहा कि सेना की भूमिका को कम किया जा सकता है।
उमर ने कहा कि आज सेना के तीन जवान मारे गए हैं। अगर ऐसे हालात में यह कहा जाए कि रियासत में सेना की कोई भूमिका नहीं है तो यह बहुत बड़ी नाइंसाफी होगी।
इसलिए सेना की भूमिका तो कम की जा सकती है, पर सेना को रातोंरात हटाया नहीं जा सकता। उल्लेखनीय है कि उमर मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद के सेना की भूमिका के संबंध में दिए गए बयान पर टिप्पणी कर रहे थे।