मजबूत समाज और देश के लिए महिलाओं का सशक्त व अधिकारों के प्रति जागरूक होना बेहद जरूरी है। मौजूदा समय में स्थिति बेहतर हुई हैं, लेकिन अभी कई क्षेत्रों में काम करना जरूरी है। यह बातें वीरवार को अपराजिता के तहत महिला सशक्तिकरण विषय पर हुई संगोष्ठी में वक्ताओं ने कहीं। कार्यक्रम की शुरूआत में वक्ताओं ने महिला सशक्तिकरण के लिए जारी अभियान की सराहना की और ऐसे कार्यक्रम आयोजित करते रहने की अपील की, ताकि और अपराजिताएं जागरूक हो सकें।
संगोष्ठी में छात्राओं ने कहा कि मजबूत समाज के लिए महिलाओं का सशक्त होना बेहद जरूरी है। यह सब शिक्षा से ही संभव है। इसलिए हर अपराजिता को शिक्षित होना होगा। बताया कि पहले के मुकाबले मौजूदा समय में महिलाओं की स्थिति बेहतर हुई है। आज महिलाएं पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चल रही हैं। घर-परिवार सहित सरकार का सहयोग मिल रहा है। यह बदलाव लंबे संघर्ष के बाद आया है। लेकिन अभी इस दिशा में और काम करना शेष है।
वक्ताओं ने बताया कि कई स्थानों पर अभी भी स्थिति काफी दयनीय है। पुरुष प्रधान समाज और रूढ़िवादी विचारों के आगे महिलाएं बेबस हैं। इसका सबसे बड़ा कारण महिलाओं का अशिक्षित होना है। इसलिए हर महिला का शिक्षित होना जरूरी है। शहरों के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में जब तक महिलाएं आत्मसम्मान व अधिकारों के प्रति जागरूक नहीं होगी तब तक महिला सशक्तिकरण का सपना पूरा नहीं होगा।
परिवर्तन से ही नारी सशक्तिकरण संभव हो रहा है। नारी के प्रति सामाजिक सोच व स्थिति में बदलाव आने से ही महिलाओं का सशक्तिकरण होगा। नारी न कभी झुकी है न कभी झुकेगी। धरा से लेकर आसमान तक उसने अपने दम का परचम लहराया है। लेकिन अभी भी इस दिशा में और अधिक काम करने की जरूरत है। सभी को नारी सशक्तिकरण के लिए आगे आना होगा।
-ज्योतेश्वरी, छात्रा, 10वीं कक्षा
महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए पुरुषों को भी आगे आना चाहिए। चाहे घर परिवार की जिम्मेदारियां हों या अन्य। महिलाओं को भी घर की चौखट से बाहर निकलना होगा। वह खुद को स्वावलंबी बनाकर पहचान बना सकती हैं। इसके लिए उसे अपने हुनर को पहचानना होगा। वर्तमान में बहुत सी महिलाएं परिवार व समाज के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।
-सुहानी, छात्रा, 8वीं कक्षा
महिलाओं को शिक्षा के साथ ही व्यावसायिक कोर्स भी करने होंगे, ताकि आगे चलकर आसानी से रोजगार प्राप्त कर सके। इसके लिए घर के पुरुषों को उनका साथ देना होगा। महिलाओं के उत्थान के लिए लोगों का जागरूक होना भी समय की जरूरत है। इसके लिए घर-घर जाकर महिलाओं को प्रेरित करना होगा। मेहंदी, ब्यूटीशियन, सिलाई सहित अन्य व्यवसायिक कोर्स के बारे में महिलाओं को जागरूक करना चाहिए।
-नैना अग्रवाल, छात्रा, 7वीं कक्षा
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घर परिवार के सभी सदस्य बेटियों को सशक्त देखना चाहते हैं। इसमें काफी हद तक कामयाबी भी मिल रही है। आज महिलाएं अंतरिक्ष तक पहुंच कर प्रतिभा का लोहा मनवा रही हैं। पहले के मुकाबले मौजूदा समय में समाज में महिलाओं के प्रति सोच बदली है। लेकिन अभी भी कई स्थानों पर महिलाएं संघर्ष कर रही हैं। इस पर रोक लगाने की जरूरत है।
-मानवी ठाकुर, छात्रा, छठी कक्षा
इस तरह के कार्यक्रम छात्राओं के लिए बहुत लाभदायक सिद्ध होते हैं। महिला सशक्तिकरण समाज के विकास के लिए बेहद महत्वपूर्ण विषय है। उनका सशक्त होना परिवार सहित सामाजिक दृष्टि से भी काफी महत्वपूर्ण है। इस तरह के कार्यक्रम हर शैक्षिक संस्थानों में होने चाहिए।
-रेणु शर्मा, प्रिंसिपल, भारतीय विद्या मंदिर स्कूल, उधमपुर