यूनिवर्सिटी ग्रांट कमीशन की ओर से जम्मू विश्वविद्यालय में स्पोर्ट्स हास्टल के प्रोजेक्ट को मंजूरी दी गई है। पहले चरण में डेढ़ करोड़ रुपये की लागत से हास्टल का निर्माण किया जाएगा। विश्वविद्यालय में शारीरिक शिक्षा विभाग के नए भवन के पास बनने वाले इस हास्टल में शुरुआत में सौ विद्यार्थियों के ठहरने की व्यवस्था होगी।
हास्टल के निर्माण से दूरवर्ती और पहाड़ी क्षेत्र के कालेजों के विद्यार्थियों को काफी राहत मिलेगी। इससे अंतर कालेज स्पर्धाओं के अलावा अन्य गतिविधियों में ऐसे कालेजों के विद्यार्थियों की भागीदारी बढ़ेगी। शारीरिक शिक्षा विभाग विवि जम्मू के निदेशक प्रो. ध्यान सिंह भाऊ के अनुसार स्पोर्ट्स हास्टल के प्रोजेक्ट के लिए राशि जारी होने पर निर्माण कार्य शुरू करवाए जाएंगे। विवि में स्पोर्ट्स हास्टल का निर्माण विद्यार्थियों को काफी राहत देगा।
जम्मू विश्वविद्यालय में स्पोर्ट्स हास्टल न होने के कारण विभिन्न स्पर्धाओं में दूरवर्ती और जिला स्तर से आने वाले खिलाड़ियों की हिस्सेदारी प्रभावित होती रही है। हॉस्टल के अभाव में बाहरी कालेजों और विवि के खिलाड़ियों को ठहरने के लिए दूसरी जगहों पर निर्भर रहना पड़ रहा है।
अंतर कालेज खेल स्पर्धाओं में दूरवर्ती कालेजों की भागीदारी कम होने के पीछे हॉस्टल का न होना बड़ा कारण है। इसके अलावा राष्ट्रीय स्तर की आल इंडिया अंतर यूनिवर्सिटी खेल स्पर्धाओं की मेजबानी के लिए भी बड़ी चुनौती रही है। इसमें विवि प्रशासन को पेड सिस्टम पर दूसरे स्थानों का इंतजाम करना पड़ता है।
उल्लेखनीय है कि वर्ष 2010 में अंतर यूनिवर्सिटी फेंसिंग चैंपियनशिप के दौरान देशभर से आए प्रतिभागियों को स्टेशन के पास स्थित वैष्णवी और सरस्वती धाम में पेड सिस्टम पर ठहराना पड़ा था। इसके अलावा यूथ हास्टल नगरोटा में भी खिलाड़ियों को एडजेस्ट किया गया।
अंतर यूनिवर्सिटी फेंसिंग चैंपियनशिप में भी यही व्यवस्था रही। हर साल अंतर कालेज स्पर्धाओं में दूरवर्ती कालेजों की भागीदारी सुनिश्चित बनाने के कई प्रयास किए जाते हैं, लेकिन वाकओवर के सिलसिले को रोका नहीं जा सका है। दूरवर्ती इलाकों के कालेजों के वाकओवर में उन्हें हास्टल सुविधा न मिलना रहता है।