प्रतियोगिता में पहला स्थान भूमिका, दूसरा स्तुति और तीसरा पुरस्कार सुमन ने हासिल किया। प्रतियोगता इन तीनों के अलावा राहुल, आसमा, धनवी, अनन्या, शगुल, पारुल, सानिया, अमन, अनोल, नीरज ने भी हिस्सा लिया।
लड़कियों को जागरूक करने के लिए अमर उजाला का अपराजिता अभियान सराहनीय है। इस अभियान के जरिये लड़कियों को कई तरह की महत्वपूर्ण जानकारी मिल रही है। लड़कियां मजबूत होकर हर मुश्किल परिस्थितियों का सामना कर रही हैं। ज्यादा से ज्यादा इस तरह के जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाने चाहिए। -अंकुश वर्मा, प्रधानाचार्य
कानून ने महिलाओं को कई प्रकार के अधिकार दिए हैं। महिलाओं को अपने अधिकार और जिम्मेदारी के प्रति जागरूक होना चाहिए। जब महिला को कानून की जानकारी हासिल होगी तो उसको कोई भी नहीं दबा सकता है। -भूमि
महिलाओं के प्रति पुरुषों को अपनी सोच में बदलाव करना होगा। आज महिलाएं पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिला कर चल रही हैं। जब पुरुषों की सोच बदलेगी तो नारी को भी अधिकार मिलेंगे। आज नारी पुरषों के मुकाबले में अधिक मजबूत है।- राहुल
आज की महिला किसी तरह से भी लाचार नहीं है। समाज में महिलाएं अपना अलग स्थान बना रही हैं। महिलाओं के प्रति लोगों का भी नजरिया बदल रहा है। जब भी मुश्किल परिस्थितियां सामने आती है तो महिलाएं भी मजबूती के साथ उनका सामना कर रही हैं।- सुमन
अपराजिता अभियान सराहनीय है। लड़कियों को अपनी आत्मरक्षा के प्रति जागरूक होना होगा। वह आत्मरक्षा के गुर सीखें और हर परिस्थिति का डट कर सामना करे। युवा पीढ़ी को भी महिलाओं के प्रति सोच को बदलने की जरूरत है।- स्तुति