आतंकी बुरहान वानी के मारे जाने के बाद घाटी में उत्पन्न कानून व्यवस्था की स्थिति के चलते एंटी टेररिस्ट आपरेशनों में आई कमी को दूर करते हुए एक बार फिर सुरक्षाबलों की ओर से आपरेशन में तेजी लाई गई है। साथ ही कोशिश की जा रही है कि युवाओं को काउंसिलिंग के जरिए आतंक के पथ पर जाने से रोका जा सके।
इसके अलावा भटके युवाओं को समर्पण करने के लिए भी प्रोत्साहित किया जा रहा है।आईजी कश्मीर एसजेएम गिलानी का कहना है कि दोबारा आपरेशनों में तेजी लाई गई है। इसके नतीजे भी सामने आए हैं। बुरहान के मारे जाने के बाद 88 स्थानीय युवाओं ने आतंक का दामन थामा है।
इसके पहले 2015 में 70 युवा आतंकी संगठनों में शामिल हुए थे। आशंका थी कि बुरहान के मारे जाने के बाद काफी संख्या में युवा आतंकी संगठनों का दामन थामेंगे, लेकिन ऐसा देखने को नहीं मिला।