यात्रा इतिहास छिपाने वालों को लेकर एक कार्य योजना बनाई गई। दिल्ली में आव्रजन कार्यालय के माध्यम से जम्मू-कश्मीर के निवासियों के लिए जारी किए गए पासपोर्ट को स्कैन किया गया और यह पता लगाया गया कि सभी विदेश यात्रा कर चुके हैं। यह स्वास्थ्य जांच के लिए नहीं गए थे जो मार्च के मध्य तक अनिवार्य हो चुकी थी। इसके बाद पुलिस टीमें उन लोगों के घरों पर पहुंची जो विदेश यात्रा पर गए थे और अपने यात्रा इतिहास को छिपाया था। ऐसे लोगों को क्वारंटीन केंद्रों पर पहुंचाया गया। इस खुफिया तंत्र के माध्यम से ही उन 139 लोगों को पहचानने में आसानी हुई जो दिल्ली के निजामुद्दीन तब्लीगी जमात के मुख्यालय में थे अथवा वहां गए लोगों के संपर्क में आए थे।
प्रदेश में 34 हॉट स्पॉट
जम्मू और कश्मीर में कोरोना संक्रमण वाले कुल 34 हॉटस्पॉट की पहचान की गई है। जिनमें पुलवामा में सात, श्रीनगर में पांच और बांदीपोरा और बडगाम में चार-चार, शोपियां में दो, उत्तरी कश्मीर के गांदरबल और बारामुला में एक - एक, जम्मू संभाग के राजोरी में पांच, जम्मू में चार और उधमपुर जिले में एक केंद्र शामिल हैं।
26 मार्च को तेज की गई प्रक्रिया
कश्मीर में 26 मार्च को कोरोना संक्रमित एक व्यवसायी की मौत के बाद लोगों पर नजर रखने की प्रक्रिया तेज कर दी गई थी। कश्मीरी कारोबारी की मौत के बाद यह प्रक्रिया तेज कर दी गई थी। विशेष रूप से तब्लीगी जमात में शामिल हुए लोगों पर नजर रखनी थी जो दिल्ली में निजामुद्दीन में हुए कार्यक्रम में शामिल हो कर लौटे थे।