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Jammu: जम्मू-कश्मीर के स्कूलों में नशे के खिलाफ पाठशाला, पीएम की अपील के बाद बच्चों को किया जाएगा जागरूक

Tue, 04 Aug 2026 05:39 AM IST
Digvijay Singh गौरव रावत, अमर उजाला, जम्मू

सार

प्रधानमंत्री की अपील के बाद अब जम्मू-कश्मीर में स्कूली बच्चों को दुश्मन देश के नशे के जाल से बचाने की मुहिम शुरू की गई है। स्कूल शिक्षा विभाग ने स्कूलों में प्रतिदिन प्रार्थना सभा के दौरान 10 मिनट का विशेष जागरूकता सत्र अनिवार्य कर दिया है।
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फाइल फोटो - फोटो : बासित जरगर
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विस्तार
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प्रधानमंत्री की अपील के बाद अब जम्मू-कश्मीर में स्कूली बच्चों को दुश्मन देश के नशे के जाल से बचाने की मुहिम शुरू की गई है। स्कूल शिक्षा विभाग ने स्कूलों में प्रतिदिन प्रार्थना सभा के दौरान 10 मिनट का विशेष जागरूकता सत्र अनिवार्य कर दिया है। इसमें बच्चों-किशोरों को नशे से नुकसान समझाना और उन्हें इसका शिकार बनने से पहले सतर्क करना शामिल है।

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यह व्यवस्था सभी सरकारी, निजी, पीएम श्री, मॉडल, कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय और आवासीय स्कूलों में लागू होगी। प्रार्थना सभा में विद्यार्थियों को नशे के दुष्परिणाम, स्वस्थ जीवनशैली व तनाव प्रबंधन की जानकारी दी जाएगी और हर स्कूल में मासिक रोस्टर तैयार होगा। साथ ही डॉक्टर, पुलिस अधिकारी, मनोवैज्ञानिक, नशामुक्ति विशेषज्ञ, अभिभावक और पूर्व छात्र विद्यार्थियों से संवाद करेंगे। इस व्यवस्था में हर माह प्रथम कार्यदिवस पर शपथ, रोल प्ले, नुक्कड़ नाटक व जागरूकता गतिविधियां भी आयोजित की जाएंगी।

नार्को टेरर से निपटना बना गंभीर चुनौती
सुरक्षा एजेंसियों के सामने नार्को टेरर की एक और गंभीर चुनौती उभरकर सामने आई है। नशे का यह जाल अब युवाओं और स्कूली छात्रों तक पहुंचने की कोशिश कर रहा है। जांच में पता चला कि तस्कर युवाओं को पहले नशे का आदी बनाते हैं और बाद में उन्हें नशे की छोटी-छोटी खेप पहुंचाने या नए ग्राहकों को जोड़ने के लिए इस्तेमाल करते हैं।
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छात्र में ये लक्षण मिलें तो गंभीरता से लें: 
स्कूल शिक्षा विभाग जम्मू के मेंटल हेल्थ एक्सपर्ट रोमेश कुमार बताते हैं कि यदि किसी छात्र में पढ़ाई से दूरी, व्यवहार में अचानक बदलाव, परिवार से कटाव, आंखों में लगातार लालिमा जैसे संकेत दिखाई दें तो इसे गंभीरता से लें। समय रहते परामर्श और उपचार से युवाओं को नशे की गिरफ्त से बाहर निकाला जा सकता है।
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