कामकाज में सुधार के लिए उठाया कदम
चेयरमैन को हटाए जाने के बाद सरकार की ओर से जारी बयान में कहा गया था कि बैंक के शासन और कार्यप्रणाली संबंधित चिंताओं के साथ-साथ कामकाज में सुधार को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया। दीर्घकालिक उपाय के तहत यह निर्णय लिया है ताकि यह अच्छी तरह से सरकार के स्वामित्व वाले बैंक का उदाहरण बन सके।
आरबीआई के निर्देशों की हो रही थी अनदेखी
जेके बैंक को भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा बार-बार निर्देशित किया गया था कि बेहतर प्रशासन के लिए अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक के पदों को अलग किया जाए। कार्रवाई के बाद बैंक के पूर्व चेयरमैन परवेज अहमद ने कहा था कि निश्चित रूप से कोई पछतावा नहीं है। उन्होंने अपना कार्य पूरी लगन व ईमानदारी से संस्था के बेहतर हित में किया है। वह किसी भी मामले की जांच के लिए तैयार हैं।