संवाद न्यूज एजेंसी
अखनूर। दो महीने से अगवा 19 वर्षीय युवती के अपहरण मामले को लेकर मंगलवार को लोगों ने निर्दोष जाम कर प्रदर्शन किया था।
इस दौरान पुलिस ने मामला बढ़ता देख एक हफ्ते में युवती की बरामदगी का आश्वासन दिया था। वहीं बुधवार को इस केस से जुड़े एक पुलिस अधिकारी का तबादला कर दिया गया। मामले में जांच शुरू होने से अब तक चार अधिकारियों का तबादला हो चुका है। इससे पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी लोग सवाल उठा रहे हैं।
सूत्रों के अनुसार, आईजी जम्मू की ओर से जारी आदेश के तहत अखनूर थाना प्रभारी इंस्पेक्टर रोहित गांधी को डिकेआर रेंज में स्थानांतरित कर दिया गया है। यह तबादला ऐसे समय पर हुआ है, जब मामला संवेदनशील है और पुलिस आलोचना झेल रही है। जांच शुरू होने से अब तक थाना प्रभारी तारिक अहमद, एसडीपीओ सुनील जसरोटिया, केस के जांच अधिकारी (आईओ) अंकुश और अब थाना प्रभारी रोहित गांधी का स्थानांतरण हो चुका है।
इससे पहले रोहित गांधी मामले की विशेष जांच टीम (एसआईटी) के अहम सदस्य थे और जांच में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे थे। तबादले को लेकर कई तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं। एक तरफ जनता पहले से पुलिस से नाराज है, तो दूसरी तरफ जांच से जुड़े अधिकारियों को बदलना सवाल खड़े करता है।
अब देखना होगा कि एसपी ग्रामीण बृजेश शर्मा की ओर से दिया गया एक हफ्ते में बरामदगी का आश्वासन कितना प्रभावी साबित होता है। फिलहाल, लोग जल्द न्याय की मांग कर रहे हैं।