जबरदस्त सुरक्षा इंतजामों और कश्मीरी अवाम का साथ न मिलने से अलगाववादियों का ब्लैक डे पूरी तरह फ्लाप शो साबित हुआ। कश्मीर के सभी जिलों में कर्फ्यू जारी है। इस बीच कुपवाड़ा में हिंसा के दौरान जख्मी गुलाम मोहम्मद मीर की इलाज के दौरान अस्पताल में मौत हो गई।
घाटी में बुधवार का दिन भारी तनाव में गुजरा। रेल, इंटरनेट और मोबाइल सेवाएं ठप हैं। 13 दिनों से लगातार बंद के चलते आवश्यक खाद्य सामग्रियों तथा दवाइयों की किल्लत होने लगी है। बंद की अवधि 25 जुलाई तक बढ़ाते हुए अलगाववादियों ने 25 जुलाई को अनंतनाग चलो का आह्वान किया है।
आतंकी बुरहान को सुरक्षाबलों ने आठ जुलाई को अनंतनाग जिले के कोकरनाग में मार गिराया था। रविवार की शाम को ब्लैक आउट का आह्वान किया गया है। काजीगुंड फायरिंग के खिलाफ चुरहट तथा आसपास के इलाके में लोगों ने जबर्दस्त प्रदर्शन किया। काले झंडे लहराए गए।
श्रीनगर में रात को लोगों ने बल्ब बंद कर विरोध जताया। जहां बल्ब नहीं थे वहां पथराव कर बल्ब बंद करा दिए गए। काजीगुंड रेलवे स्टेशन के पास तैनात सीआरपीएफ के जवानों ने हवाई फायरिंग कर हाईवे तक प्रदर्शनकारियों के पहुंचने की कोशिश को नाकाम कर दिया। श्रीनगर शहर तथा कई इलाकों में काले झंडे लगाए गए। बाद में सुरक्षा बलों ने इन्हें उतार दिया।