भ्रष्टाचार से लड़ने और व्यवस्था परिवर्तन की अलख जगाने स्वयंसेवी अन्ना हजारे बुधवार को जम्मू पहुंचे। यहां अपने अलग अंदाज में उन्होंने केंद्र पर निशाना साधते हुए भ्रष्टाचार की लड़ाई में आम आदमी का साथ मांगा। कहा-मैं तीन साल से अच्छे दिनों के इंतजार में चुप था, लेकिन अच्छे दिन नहीं आए, इसलिए मुझे आना पड़ा।
अब तीन माह से देश घूम रहा हूं। उन्होंने मौजूद लोगों से भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई में हिस्सेदार बनने को नई दिल्ली के रामलीला ग्राउंड में 23 मार्च को होने वाले व्यवस्था परिवर्तन सत्याग्रह का हिस्सा बनने का आह्वान किया। सभा के दौरान उन्होंने लोकपाल, किसान और चुनाव सुधार के मुद्दों पर केंद्र सरकार पर जमकर तंज कसे।
कहा कि चुनाव नजदीक होते हैं तो सरकार जनता को गाजर दिखाती है। सरकार ने जो वादे किए उस पर खरी नहीं उतरी। तीन माह में विदेशों से काला धन वापस लाने की बात कही, लेकिन इकन्नी नहीं आई। सबके खाते में 15 लाख आने की बात कही, लेकिन 15 रुपये भी नहीं आए।
कहा कि भाजपा लोकतंत्र की बात करती है, लेकिन उसने ब्रिटिश राज की तर्ज पर हुकुम तंत्र को बढ़ावा दिया है। कानून में संसद में चर्चा बगैर संशोधन कर दिए ताकि संगठन को फायदा मिल सके। किसान बिल का सवाल उठाया। कहा कि 60 साल से अधिक के किसानों को पेंशन का मामला लटका है।
उस पर कुछ नहीं हुआ, लेकिन नोटबंदी और जीएसटी पर तुरंत कदम उठा लिया गया। पेट्रोल और डीजल को इससे बाहर रखा गया क्योंकि उससे माल मिल रहा है। कहा कि चंदे के लिए कंपनी कानून में संशोधन कर दिया गया। पार्टी को पैसे से मजबूत बनाया जा रहा है ताकि एक लाख में भी एक वोट खरीदा जा सके।
उन्होंने 22 सालों में 12 लाख किसानों की खुदकुशी का जिक्र करते हुए कहा कि किसान को उसकी फसल की सही कीमत नहीं मिल रही। वित्त मंत्री जेटली की घोषणाओं को धोखा बताते हुए कृषि मूल्य आयोग को स्वायत्त बनाए जाने की मांग उठाई।
मौके पर आयोजक इंटरनेशनल एंटी करप्शन एंड ह्यूमन राइट्स कौंसिल की चेयर परसन मनजोत सिंह कोहली, तरुण उप्पल, मानक उप्पल आदि मौजूद रहे।