मौसम के बदलते ही शहर और इसके आसपास के क्षेत्रों में पशु तस्करों की सक्रियता बढ़ गई है। यूं कहा जाए कि पशु तस्कर पुलिस पर हावी हो रहे हैं। दरअसल, पिछले एक हफ्ते के दौरान पुलिस ने जितने भी तस्करी के मामलों को विफल किया, उनमें पशु तस्कर पुलिस पर हावी रहे। बेशक पुलिस ने तस्करों के चंगुल से मवेशियों को मुक्त करा दिया, लेकिन सभी जगहों से तस्कर पुलिस को चकमा देकर फरार हो गए।
बाद में तस्करों ने बाहर से कोर्ट में जमानत ले ली। जानकारी के अनुसार पिछले एक हफ्ते के दौरान पुलिस ने एक दर्जन तस्करी के मामलों को विफल किया। मीरां साहिब, गाडीगढ़ में दो बार, बेली चराना, नगरोटा, बिश्नाह, सतवारी, दोमाना, अखनूर, दोमाना में पशु तस्करी के मामले विफल किए गए, लेकिन इन सभी में पुलिस तस्करों को मौके पर नहीं दबोच पाई। तस्कर पुलिस की गिरफ्त से निकल गए।
यहां तक बिश्नाह में तस्करों ने पुलिस को खुली चुनौती देते हुए हमला बोल दिया। हवा में गोलियां तक चलाईं। इन सभी मामलों में तस्करों ने बाद में कोर्ट से जमानत ले ली। पिछले दो वर्षों से लगातार यही चल रहा है। पशु तस्कर मौके से फरार हो जाते हैं और एक-दो दिन बाद कोर्ट से जमानत लेकर छूट जा रहे हैं।
पुलिस पर कोई कार्रवाई नहीं
पिछले वर्ष जम्मू संभाग में 500 से अधिक मामले पशु तस्करी के सामने आए। इसके बाद आईजी जम्मू ने एक आदेश जारी कर कहा था कि जिस पुलिस स्टेशन के अधीन पशु तस्करी का मामला सामने आएगा। संबंधित पुलिस अधिकारी को तत्काल प्रभाव से अटैच कर दिया जाएगा, लेकिन लगातार ऐसा हो रहा है। तस्कर मौके से निकलने में कामयाब हो रहे हैं।