जम्मू-कश्मीर सरकार के गठबंधन पार्टनर पीडीपी और भाजपा के बीच शुक्रवार को मतभेद खुलकर सामने आए। सहयोगी पार्टनर के रवैये से नाखुश मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने कैबिनेट बैठक का बहिष्कार कर दिया।
महबूबा सचिवालय से निकलने के बाद अपने आवास पर चली गईं बाद में डिप्टी सीएम तथा अन्य मंत्रियों ने उनके आवास पर जाकर मुलाकात की। ज्ञात हो कि कैबिनेट की बैठक में कुछ प्रशासनिक तथा पुलिस अधिकारियों के तबादले प्रस्तावित थे।
सूत्रों का कहना है कि बैठक में कश्मीर पुलिस सर्विस (केपीएस) अधिकारियों को आईपीएस के समकक्ष लाने का प्रस्ताव लाया गया। इसका भाजपा के मंत्रियों खासकर डिप्टी सीएम ने विरोध किया। इनका कहना था कि आईपीएस के लिए राष्ट्रीय स्तर पर प्रतियोगी परीक्षा आयोजित होती है जबकि केपीएस के लिए राज्य स्तर पर। प्रस्ताव के पक्ष में यह कहा गया कि चूंकि केपीएस अधिकारी विपरीत परिस्थितियों में काम करते हैं। इस वजह से उन्हें यह सुविधा प्रदान की जानी चाहिए।