अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के रिसर्च स्कालर मनान बशीर वानी के हिजबुल में शामिल होने से पूरा परिवार सदमे में है। किसी को यकीन नहीं हो रहा। बानी के वालिद ने कहा, मेरा दिल गम से फट रहा है। वे खुदा से दुआ कर रहे हैं कि उनका बेटा घर वापस लौट आए।
बानी का परिवार उत्तरी कश्मीर के कुपवाड़ा जिले के टिक्कीपोरा में रहता है। परिवार वालों के अनुसार उन्हें अपने बेटे से ऐसी उम्मीद नहीं थी। उसके माता-पिता, इकलौती बहन और करीबी रिश्तेदार सभी सदमे में हैं।
मनान के पिता बशीर वानी ने कहा कि यह हमारी बदकिस्मती है कि ये हादसा उनके साथ हुआ। उन्होंने बताया कि प्राइमरी से लेकर पीएचडी तक मनान ने अच्छी तरह से पढ़ाई की। उससे आखिरी बार संपर्क तीन जनवरी को हुआ था।
उसने बहन को अपनी कुछ तस्वीरें भी भेजी थी। मनान की मां का कहना था कि उसने अपने खून का कतरा-कतरा उसे पढ़ाने लिखाने में लगा दिया लेकिन वह धोखा देगा इसका अंदाजा नहीं था। उसकी बहन का कहना है कि वह उसके बिना नहीं जी पाएगी।
आईजी कश्मीर मुनीर अहमद खान ने बताया कि अभी उनके हाथ कोई ऐसा सबूत नहीं लगा है जिससे यह कह सके कि मनान हिज्ब में शामिल हुआ है। लेकिन हर पहलू को खंगाला जा रहा है। ज्ञात हो कि रविवार को हथियार के साथ सोशल मीडिया पर उसका फोटो वायरल हुआ था। जिसमें यह बताया गया था कि वह पांच जनवरी को हिजबुल मुजाहिदीन में शामिल हो गया है।