भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने कहा कि पार्टी के लिए मंथन पत्रिका गीता के समान है। मंथन में कश्मीर नीति से लेकर भाजपा की उत्तरी पूर्वी राज्यों के लिए नीति का साफ वर्णन है और यही भाजपा की विचारधारा भी है और नीति भी।
इसमें कोई बदलाव नहीं हो सकता। रविवार को प्रदेश भाजपा मुख्यालय में नाना जी देशमुख पुस्तकालय और ई-लाइब्रेरी का उद्घाटन करने के बाद शाह ने अपने संबोधन में यह शब्द कहे।
शाह ने कहा कि मेरे जीवन से अगर पुस्तक को निकाल दें तो शून्य ही बचेगा। उन्होंने कहा कि भाजपा कार्यकर्ताओं के निर्माण की प्रक्रिया अविरल प्रवाह है। कार्यकर्ता निर्माण में पुरखों की अथक मेहनत जुड़ी है। उन्हीं की मेहनत की वजह से भाजपा वर्तमान स्थिति में है।
Amit Shah in jammu and kashmir
- फोटो : Amar Ujala
उन्होंने कहा नाना जी देशमुख ने पार्टी की नीतियों और विचारधारा को पुस्तकों के माध्यम से कार्यकर्ताओं तक पहुंचाया। पूरे देश में पार्टी मुख्यालयों में पुस्तकालयों को खोला जा रहा है। उन्होंने पुस्तकालय की टीम के कार्य की भरपूर प्रशंसा भी की। उन्होंने कहा कि पुस्तकालय और ई-लाइब्रेरी के माध्यम से भाजपा कार्यकर्ताओं को पार्टी के इतिहास और वर्तमान के अलावा संविधान की भी पूरी जानकारी हो जाएगी।
उन्होंने कहा कि मंथन पत्रिका को भाजपा कार्यकर्ता जरूर पढ़ें। पार्टी के लिए यह गीता के समान है। शाह ने प्रजा परिषद से लेकर वर्तमान में भाजपा के सफर तक के इतिहास पर आधारित दुर्लभ चित्रों का विमोचन करने समेत जेके भाजपा के अपडेट संस्करण, पार्टी उपाध्यक्ष डा. द्राक्षा अंद्राबी के कविता संग्रह हथेली में सूरज का भी विमोचन किया।
कार्यक्रम में पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव संगठन राम लाल, महासचिव अनिल जैन, प्रदेशाध्यक्ष सत शर्मा, केंद्रीय राज्य मंत्री डा. जितेंद्र सिंह, उपमुख्यमंत्री डा. निर्मल सिंह, सांसद जुगल किशोर शर्मा आदि मौजूद रहे।