वहीं उमर अब्दुल्ला ने कहा कि अमित शाह जी हम गैंग नहीं हैं। हम कोई गैंग नहीं हैं बल्कि एक राजनीतिक गठबंधन हैं जो आपकी आशाओं के विरुद्ध चुनाव लड़ता रहा है और लड़ता रहेगा।
अगले ट्वीट में उमर ने लिखा, सिर्फ जम्मू-कश्मीर में नेता चुनाव में हिस्सा लेने और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा करने के लिए हिरासत में लिए जा सकते हैं और देशद्रोही पुकारे जा सकते हैं। सच्चाई तो ये है कि जो भी भाजपा की विचारधारा से सहमत नहीं होता उसे भ्रष्ट और देशद्रोही कहा जाता है।
उमर ने ये भी कहा कि मैं आदरणीय गृहमंत्री के हमले के पीछे की खीज को समझ सकता हूं। उन्हें बताया गया था कि लोगों का गठबंधन चुनाव का बहिष्कार करने की तैयारी में है। इससे भाजपा को जम्मू-कश्मीर आसानी ने चुनाव लड़ने में मदद मिलती लेकिन हमने ऐसा होने नहीं दिया।
अमित शाह बोले-
अमित शाह ने ट्वीट किया, गुपकार गैंग वैश्विक होता जा रहा है। वह चाहते हैं कि विदेशी ताकतें जम्मू-कश्मीर में दखल दें। गुपकार गैंग ने भारत के तिरंगे का भी अपमान किया। क्या सोनिया जी और राहुल जी गुपकार गैंग के ऐसे कदम का समर्थन करते हैं? उन्हें इस पर अपना स्टैंड बिल्कुल स्पष्ट कर देना चाहिए।
वह आगे बोले, कांग्रेस और गुपकार गैंग जम्मू कश्मीर को आतंक और अस्थिरता के उस दौर में दोबारा ले जाना चाहते हैं। वह पिछड़े वर्ग, महिलाओं और जनजातियों के हक छीनना चाहते हैं जो हमने अनुच्छेद 370 हटाकर दिया है। यही कारण है कि लोग उन्हें खारिज कर रहे हैं।
जम्मू कश्मीर हमेशा भारता का हिस्सा रहा है और रहेगा। भारतीय लोग यह बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करेंगे कि कोई अपवित्र वैश्विक गठबंधन हमारे राष्ट्र हित के खिलाफ कार्य करे। या तो गुपकार गैंग राष्ट्र के मूड के हिसाब से चले नहीं तो लोग उन्होंने डूबो देंगे।