प्रदेश में तेज सियासी हलचल के बीच मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला लौट आए हैं। करीब 12 दिन बाद रविवार को वह सार्वजनिक रूप से नजर आए। सीएम 12 दिन कहां रहे, इसका खुलासा फिलहाल उनकी टीम ने नहीं किया है।
प्रदेश में तेज सियासी हलचल के बीच मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला लौट आए हैं। करीब 12 दिन बाद रविवार को वह सार्वजनिक रूप से नजर आए। सीएम 12 दिन कहां रहे, इसका खुलासा फिलहाल उनकी टीम ने नहीं किया है। वापसी के बाद सीएम ने सांसद इंजीनियर रशीद और विधायक खुर्शीद अहमद शेख के घर पहुंचकर उनके पिता खिजर मोहम्मद शेख के निधन पर गहरी संवेदना व्यक्त की।
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मुख्यमंत्री की इस निजी यात्रा को लेकर पिछले कई दिनों से प्रदेश की राजनीति गर्म रही। मुख्यमंत्री की गैरमौजूदगी पर भाजपा ने लापता पोस्टर जारी किए, जबकि नेता प्रतिपक्ष सुनील शर्मा ने उन्हें खोजने के लिए पुलिस की मदद लेने तक की बात कही। वहीं, पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की प्रमुख महबूबा मुफ्ती, पीपुल्स कॉन्फ्रेंस के सज्जाद लोन और नेशनल कॉन्फ्रेंस के सांसद आगा सैयद रुहुल्ला मेहदी ने भी मुख्यमंत्री पर तंज कसे।
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बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री 11 मई को प्रदेश में शराब नीति को लेकर चल रहे विवाद के बीच दिल्ली में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से मिलने गए थे। इस दौरान उन्होंने पूर्ण राज्य के दर्जे सहित कई मुद्दों पर चर्चा की थी। हालांकि इसके बाद उनकी लोकेशन या कार्यक्रम को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी साझा नहीं की गई जिसके चलते विपक्ष को सरकार पर हमला बोलने का मौका मिला।
मुख्यमंत्री के समर्थन में आए थे उपमुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री के समर्थन में उपमुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी सामने आए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने कैबिनेट बैठक के बाद सभी मंत्रियों और मुख्य सचिव की मौजूदगी में अपने दौरे की जानकारी दी थी। सुरक्षा और निजी कारणों से यात्रा से जुड़ी सूचनाएं सार्वजनिक नहीं की गईं।