भारत-पाक तनाव पर शंकराचार्य की चिंता
डोक पलौड़ा में शिष्य कमल सिंह चिब के निवास पर आयोजित पत्रकार वार्ता में शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती ने पहलगाम हमले के बाद भारत व पाकिस्तान के बीच बढ़े तनाव पर कहा कि भारत में बड़ी संख्या में मुसलमान रहते हैं, तो पाकिस्तान मेंं भी हिंदू रह रहे हैं। इस बात का हमें ध्यान रखना होगा।
युद्ध का उद्देश्य सीमा विस्तार नहीं, आत्मरक्षा होना चाहिए
आतंक पर प्रहार जरूरीमहाभारत का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि श्रीकृष्ण की तरफ से दिए गए संधि प्रस्ताव को दुर्योधन ने ठुकरा दिया था। वह किसी भी तरह नहीं माना और युद्ध हुआ। जब अस्तित्व पर बन आए तो युद्ध अवश्यंभावी हो जाता है। किसी के अस्तित्व पर प्रहार करना उचित नहीं है। युद्ध के पीछे उद्देश्य सीमाओं की वृद्धि की मंशा होती है। युद्ध को किसी भी स्तर पर रोका नहीं जा सकता। आतंक पर प्रहार भी जरूरी है।
ऐसा कोई व्यक्ति नहीं, जो नशा न करता हो
शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती ने कहा कि संसार में ऐसा कोई व्यक्ति नहीं, जो नशा न करता हो। यदि धर्म संस्कृति से दूर रहेंगे तो कृत्रिम नशा तो करेंगे ही। हमें जागरूक रहने की जरूरत होती है।