सड़क हादसों और आतंकी वारदातों में घायलों की जान बचाने के लिए रियासत में 25 एडवांस लाइफ सपोर्ट केयर (एएलएस) एंबुलेंस तैनात की जाएंगी। आधुनिक सुविधाओं से लैस इन एंबुलेंस की सुविधा राज्य के सभी 22 जिलों को मिलेगी।
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इन एंबुलेंस में एम्स की तर्ज पर पर्याप्त उपकरण और जीवन रक्षक दवाइयां उपलब्ध होंगी। इसके अलावा स्वास्थ्य निदेशालय जम्मू और श्रीनगर में अतिरिक्त एक-एक एंबुलेंस रहेगी। वैष्णो देवी के यात्रियों के लिए विशेष तौर पर कटड़ा में एक एंबुलेंस लगाई जाएगी।
पांच करोड़ रुपये के इस प्रोजेक्ट के लिए स्वास्थ्य महकमे ने ई-टेंडर जारी कर दिया है। इसकी अंतिम तिथि 17 सितंबर को रखी गई है। इसके बाद करीब दो माह में एंबुलेंस को जनता को समर्पित कर दिया जाएगा।
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हाइटेक उपकरणों से होंगी लैस
एएलएस एंबुलेंस के लिए चार साल पहले कवायद शुरू की गई थी। पांच बार टेंडर भी जारी किए गए, लेकिन विवादों और शिकायतों के बाद प्रशासनिक विभाग की ओर से रेट कांट्रैक्ट पर अंतिम राय नहीं बन सकी।
इस बीच यह मामला कोर्ट में भी रहा। इसके बाद स्वास्थ्य निदेशालय जम्मू की सिफारिश पर गवर्नमेंट आर्डर नंबर 423-एचएमई, 2014 पर 17 जुलाई 2014 को एक तकनीकी कमेटी का गठन किया गया।
इसमें एक अगस्त 2014 को कमेटी की पहली बैठक में एम्स नई दिल्ली की तर्ज पर विशेषज्ञ कमेटी की सिफारिशों को इस प्रोजेक्ट पर लागू करने पर सहमति बनी।
इसके तहत जम्मू संभाग में डोडा, जम्मू, कठुआ, किश्तवाड़, पुंछ, राजोरी, रामबन, रियासी, सांबा, उधमपुर, स्वास्थ्य निदेशालय जम्मू, कटड़ा और कश्मीर संभाग में अनंतनाग, बडगाम, बांडीपोरा, बारामुला, कारगिल, गांदरबल, कुलगाम, कुपवाड़ा, लेह, पुलवामा, शोपियां, श्रीनगर और स्वास्थ्य निदेशालय कश्मीर में यह एंबुलेंस दौड़ेंगी। प्रति एक एंबुलेंस पर 20-25 लाख रुपये लागत आएगी। इससे पहले एक एंबुलेंस को ट्रायल पर लाया जाएगा।