लोकसभा चुनाव में पराजय के बाद विधानसभा चुनाव का काउंट डाउन शुरू होते ही प्रदेश कांग्रेस में एकता को प्राथमिकता दी जाने लगी है।
पार्टी हाईकमान की हिदायत पर राज्यसभा में नेता विपक्ष गुलाम नबी आजाद और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रो सैफुद्दीन सोज, प्रदेश कांग्रेस प्रभारी अंबिका सोनी की मौजूदगी में प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ पदाधिकारी, मंत्री, विधायक, एमएलसी और फ्रंटल संगठनों के पदाधिकारी शेरे कश्मीर अंतरराष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर में बैठक के लिए सोमवार को जुटे।
अंबिका सोनी ने हर नेता, मंत्री, विधायक और पदाधिकारी से अकेले में मुलाकात की। यह सिलसिला देर रात तक जारी रहा। बैठक का एजेंडा चुनाव पूर्व गठबंधन पर नेताओं और कैडर की नब्ज टटोलना, लोकसभा चुनाव में पराजय से विधानसभा चुनाव में पार्टी को उभारना, विधानसभा चुनाव के लिए आजाद को मुख्यमंत्री का प्रत्याशी बनाने, विधानसभा क्षेत्रों में पार्टी की मौजूदा स्थिति और विजय की संभावनाओं के अलावा प्रत्याशियों के नामों पर विचार विमर्श रहा।
अंबिका सोनी की मौजूदगी में हुई बैठक में एकता मंत्र पर तीनों खित्तों के नेताओं ने जोर दिया। पूर्व कांग्रेस सांसद मदन लाल शर्मा, हज एवं औकाफ मंत्री पीरजादा मोहम्मद सईद और शहरी विकास मंत्री रिगजिन जोरा ने भी बैठक में अपने खित्ते की नुमाइंदगी करते हुए विचार रखे।