बोर्ड की पूर्व की बैठक में भी पहले अमरनाथ यात्रा को रद्द करने की घोषणा की गई थी, लेकिन एक घंटे बाद ही इस फैसले को वापस लेकर भविष्य की परिस्थितियों के मुताबिक यात्रा पर कोई फैसला लेने की बात कही गई थी। यात्री पंजीकरण के लिए मान्यता प्राप्त सरकारी अस्पतालों से अनिवार्य चिकित्सा प्रमाण पत्र बनवाना होता है। लेकिन मौजूदा देशव्यापी स्तर पर पूरा स्वास्थ्य विभाग कोविड देखभाल में जुटा हुआ है।
जिससे सर्टिफिकेट के लिए बोर्ड में अलग से ड्यूटी लगाना भी मुश्किल है। इस साल यात्रा की अवधि 42 दिन की तय की गई थी, जबकि 2019 में यात्रा 46 दिन की थी लेकिन अगस्त के शुरू में अनुच्छेद 370 को हटाने के चलते यात्रा को तय समय से पहले ही स्थगित कर दिया था।