जम्मू। अमरनाथ यात्रा तीन जुलाई से शुरू हो जा रही है। इसके बावजूद शहर में प्रशासनिक तैयारियां अधूरी हैं। प्रमुख स्थानों पर बुनियादी सुविधाओं की कमी है। सड़कों की मरम्मत से लेकर साफ-सफाई और पेयजल आपूर्ति जैसे महत्वपूर्ण इंतजाम में देरी ने यात्रियों के स्वागत के दावों की पोल खोल दी है।
अधिकारियों बेहतर प्रबंध के दावे कर जा रहे हैं लेकिन प्रवेश द्वार माने जाने वाले शहर में सुंदरीकरण की तस्वीर कुछ और ही कहानी बयां कर रही है। प्रमुख मार्गों, तवी पुल व फ्लाईओवर पर बड़ी संख्या में सजावटी गमले टूटे हैं या पूरी तरह गायब हो चुके हैं। यहीं से बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए श्रद्धालु यात्रा शुरू करते हैं। प्रिंस कुमार, रामकुमार व संजीव कुमार सहित अन्य राहगीरों ने कहा कि शहर को आकर्षक बनाने के लिए पौधों और गमलों की नियमित देखरेख नहीं होने के कारण हालात बदतर है।
संबंधित विभागों को प्रमुख मार्गों का सुंदरीकरण पूरा करना चाहिए ताकि श्रद्धालुओं के सामने जम्मू की सुंदर छवि प्रस्तुत की जा सके। अमरनाथ यात्रा केवल धार्मिक आयोजन नहीं बल्कि जम्मू-कश्मीर का सबसे बड़ा वार्षिक उत्सव है। ऐसे में प्रवेश मार्गों की बदहाल स्थिति तैयारियों पर सवाल खड़े करती है। नागरिकों को उम्मीद है कि यात्रा शुरू होने से पहले खाली पड़े स्टैंड पर दोबारा गमले लगाए जाएंगे और टूटे गमलों को बदला जाएगा।
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दिशाहीन हुए संकेत सूचांक पट्ट
भगवती नगर व बख्शी नगर फ्लाईओवर सहित अन्य प्रमुख मार्गों पर वाहन चालकों व राहगीरों को सही दिशा दिखाने के लिए लगाए गए संकेत सूचांक पट्ट इन दिनों झड़ियों में छिपे हुए हैं। इस कारण लोग रास्ता भटक रहे हैं।
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रखरखाव कार्य की टेंडर अवधि समाप्त हो चुकी है। नए सिरे से टेंडर लगाकर सुंदरीकरण का कार्य कराया जाएगा।
- डॉ. देवांश यादव, आयुक्त, नगर निगम